मध्य प्रदेश में कोरोना की मार झेल रहे आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना की शुरुआत की है जिसके अंतर्गत भोपाल, इंदौर और मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में जरूरतमंदों को मुफ्त कोरोना का उपचार प्रदान किया जाएगा। यह अभियान आयुष्मान भारत योजना के तहत बीमित सभी लोगों को भी शामिल करेगा।

कोरोना उपचार - लाभ और सहायता


कोरोना संक्रमण के बीच लोगों की जान बचाने की पहल में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जल्द से जल्द मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना को राज्य के सभी जिलों में लागू करने का आदेश दिया है। सचिव, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, ने सभी कलेक्टरों, मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों को योजना की जानकारी और कार्यान्वयन समझाने के लिए एक पत्र जारी किया है।

यह कोरोना उपचार की रणनीति सरल है, यह योजना समाज के आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग को निःशुल्क इलाज प्रदान करेगी और एक या एक से अधिक कोरोना के मरीज़ जिन परिवारों में हैं उनमें सभी सदस्यों के लिए आयुष्मान स्वस्थ्य कार्ड भी जारी किया जाएगा। स्वास्थ्य अधिकारी ने सूचित किया की राष्ट्रीय बीमा योजना (आयुष्मान भारत योजना) के लाभों का मध्य प्रदेश में विस्तार किया गया है, और वर्ष 2021-2022 के दौरान कोरोनो वायरस उपचार के लिए लोग अपने अनुसार इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

अभी फिलहाल मध्य प्रदेश के 52 जिलों में 299 कोविड केयर सेंटर हैं जो कोरोना के सामान्य लक्षणों वाले व्यक्तियों का उपचार कर रहे हैं। सीएमओ ने घोषणा की कि इन केंद्रों को जनता के लाभ के लिए सामूहिक रूप से 19,796 बेडों के साथ खोला गया है और यहां पूरा उपचार निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।

मध्य प्रदेश संभावित तीसरी लहर की तैयारी कर रहा है


मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मेडिकल संरचना को मज़बूत करने की ज़रुरत पर प्रकाश डाला है जिससे राज्य संभावित कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से लड़ने के लिए तैयार हो जाए। उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि हर अस्पताल में रेमेडिसविर इंजेक्शन, ऑक्सीजन प्लांट की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने प्राइवेट उद्यमियों को हाई यील्डिंग ऑक्सीजन पैदा करने वाली यूनिट्स को विकसित करने के लिए प्रेरित करने के लिए सरकारी अनुदान भी बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने एक विशेषज्ञों की समिति बनाने की भी घोषणा की है जो की मेडिकल उपकरणों को बेहतर बनाने में राज्य का मार्गदर्शन करेंगे। टीम को राज्य में कोरोना वृद्धि का अध्ययन करने का काम सौंपा जाएगा और उन्हें यह सुझाव देना होगा की विषम परिस्थितियों में क्या तैयारी और व्यवस्था की जानी चाहिए।