जरूरी बातें

संयुक्त राष्ट्र के यूएन-हैबिटेट कार्यक्रम (UN-Habitat Programme) के तहत इंदौर नगर निगम करेगा रॉऊ नगर को स्वच्छ करने में मदद।
इंदौर नगर निगम, रॉऊ नगर में अपना वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल लागू करेगा
इंदौर नगर निगम और रॉऊ नगर निगम के बीच एक एमओयू (MOU) पर हस्ताक्षर हुए हैं।
इस परियोजना को एसएस2022 (SS2022) के लिए आईएमसी के विजन डॉक्यूमेंट (IMC’s Vision Document) के तहत किया जायेगा शामिल।
रॉऊ नगर में बने वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का किया जाएगा विस्तार।

लगातार पांच वर्षों से स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रथम स्थान हासिल कर भारत का सबसे स्वच्छ शहर कहा जाने वाला इंदौर अब रॉऊ नगर निकाय को स्वच्छ करने में मदद करेगा। इस अभियान में इंदौर नगर निगम अपना वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल लागू कर रॉऊ नगर को अपनी तरह स्वच्छ बनाने में सहायता करेगा। पिछले वर्ष, इंदौर को संयुक्त राष्ट्र के यूएन-हैबिटेट कार्यक्रम (UN-Habitat Programme) के तहत किसी एक शहर की सहायता के लिए चुना गया था जो दूसरे शहर को उसका वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने में सहायक होगा।

इंदौर नगर निगम और रॉऊ नगर निगम के बीच हुए एमओयू (MOU) पर हस्ताक्षर

इस कार्यक्रम के तहत रॉऊ नगर को स्वछता के क्षेत्र में बेहतर बनाने के लिए इंदौर नगर निगम और रॉऊ नगर निगम के बीच एक एमओयू (MOU) पर हस्ताक्षर करे गए हैं। इंदौर नगर निगम की कमिश्नर प्रतिभा पाल ने कहा कि, “हमने राज्य के कम से कम एक स्थानीय निकाय को मार्गदर्शन और समर्थन प्रदान करने की जिम्मेदारी ली है।

रॉऊ शहर की आबादी 36,000 है और यह राऊ नगर परिषद के अंतर्गत आता है। चूंकि यह शहर इंदौर का सैटेलाइट टाउन है, इसलिए हमने अपने वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल को लागू करने के लिए इसे सबसे पहले चुना है।रॉऊ नगर के लोग इंदौर की स्वच्छ संस्कृति से वाक़िफ़ थे जिस कारण रॉऊ नगर मेंटरशिप कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए एक उपयुक्त शहर बन गया है।”

इसी के साथ ही इंदौर नगर निगम की कमिश्नर प्रतिभा पाल ने यह भी बताया की, “हम राऊ नगर परिषद को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे और यदि इसे सफलतापूर्वक लागू किया जाता है, तो राऊ नगर सबसे स्वच्छ शहर बन जाएगा।” उन्होंने कहा कि इस परियोजना को एसएस2022 (SS2022) के लिए आईएमसी के विजन डॉक्यूमेंट (IMC’s Vision Document) के तहत शामिल किया जा रहा है।

रॉऊ नगर में बने वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट को और बड़ा करने की है तैयारी

रॉऊ नगर निगम के अधिकारी अमित दुबे के अनुसार रॉऊ नगर में लगभग 7500 घर और 715 व्यावसायिक स्थल हैं। जहाँ से प्रतिदिन 13 मीट्रिक टन कचरा जिसमें 60 प्रतिशत गीला कचरा और 40 प्रतिशत सूखा कचरा आता है। इस कचरे का प्रबंधन करने के लिए रॉऊ नगर में वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट है जिसे अब इस मेंटरशिप कार्यक्रम के तहत और बढ़ाया जायेगा।

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