इंदौर के प्रीमियम बी-स्कूल, आईआईएम ने प्रतिभागियों को विश्व स्तरीय और प्रासंगिक शिक्षा प्रदान करने के लिए 05 अक्टूबर, 2021 को लिवरपूल विश्वविद्यालय के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू की वैधता तीन साल होगी।  यह सहयोग विशेष स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों, कार्य-अनुभव के बाद के पाठ्यक्रमों और डॉक्टरेट अनुसंधान की पेशकश पर भी ध्यान केंद्रित करेगा। आईआईएम इंदौर के निदेशक ने बताया कि दोनों संस्थान फैकल्टी एक्सचेंज के साथ परस्पर हित के क्षेत्रों में संयुक्त प्रमाण पत्र और अल्पकालिक पाठ्यक्रमों के विकास के लिए भी मिलकर काम करेंगे। 

दुनिया भर के रिसर्च स्कॉलर्स के लिए एक मंच प्रदान किया जाएगा

 

भारतीय प्रबंधन संस्थान इंदौर और लिवरपूल विश्वविद्यालय ने सांस्कृतिक और शैक्षिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में एक नया आयाम पेश करने के लिए मंगलवार को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। विशेष रूप से, यह समझौता ज्ञापन आईआईएम इंदौर के रजत जयंती वर्ष और अनुसंधान और स्टूडेंट एक्सचेंज कार्यक्रमों में पारस्परिक रुचि के क्षेत्रों की खोज करने का अवसर है, लिवरपूल विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर ने कहा।

इसके अतिरिक्त, प्रोफेसर हिमांशु राय, निदेशक आईआईएम इंदौर ने कहा कि यह कार्यक्रम आईआईएम इंदौर के लिए विदेशी स्कॉलर और विशेषज्ञों को एक साथ लाने और संयुक्त शोध पर भी काम करने के लिए स्कॉलर-इन-रेसिडेंस के पाठ्यक्रम की पेशकश करेगा।

दोनों संस्थान दुनिया पर सकारात्मक प्रभाव के लिए अनुसंधान एजेंडे पर काम करेंगे

उन्होंने आगे बताया कि, “हमारा लक्ष्य सामाजिक रूप से जागरूक संस्थान बनना है और ऐसे जिम्मेदार प्रबंधक तैयार करना है जो न्यायसंगत और समावेशी निर्णय लेते हैं। लिवरपूल विश्वविध्यालय का भी मिशन जीवन का उत्थान है, और यहीं दोनों संस्थाओं का लक्ष्य समाहित है, जिससे हम जिम्मेदार प्रबंधकों और युवाओं का निर्माण कर सकेंगे, जो इस दुनिया एक बेहतर जगह बनाएंगे”।


यह सहयोग अनुसंधान और छात्र आदान-प्रदान के क्षेत्र में पारस्परिक हित के क्षेत्रों की खोज में फायदेमंद होगा। दोनों संस्थान दुनिया पर सकारात्मक प्रभाव के लिए अनुसंधान एजेंडे पर सहयोग करेंगे।

 

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