इंदौर से लगभग 82 किमी दूर स्थित मांडू के प्रमुख पर्यटक आकर्षणों में से एक रत्न, बाज बहादुर महल का शालीन सौंदर्य है। कहा जाता है कि इस खूबसूरत महल का नाम मांडू के अंतिम स्वतंत्र नेता के नाम पर रखा गया था, जिनके शासनकाल में यह शहर अपने चरम पर था। आइए एक पहाड़ी ढलान पर स्थित इस संरचना का एक वर्चुअल भ्रमण करें, जो प्राकृतिक दृश्यों से घिरा हुआ है और मांडू की कथाओं और इतिहास को अपने में संजोये हुए है।

एक अद्भुत स्थापत्य मिश्रण

महल के प्रवेश द्वार पर एक शिलालेख के अनुसार इस महल का नाम बाज बहादुर के नाम पर रखा गया था,हालाँकि जिसका निर्माण सुल्तान नसीरुद्दीन शाह ने 1508-09 ईस्वी में किया था। इसके अलावा, इन ऐतिहासिक दीवारों के बीच बाज बहादुर और उनकी पत्नी रूपमती की प्रेम गाथा गूंज रही है।

बाज बहादुर महल का मुख्य प्रवेश द्वार तक चौड़ी सीढ़ियों से पहुंचा जाता है जो अंतराल द्वारा चिह्नित हैं। यह प्रवेश द्वार एक मार्ग की ओर जाता है जिसके दोनों सिरों पर धनुषाकार डिजाइन हैं और यह मेहराबदार छत वाले कमरों से घिरा है। ऐसा माना जाता है कि इन कक्षों का उपयोग महल के रक्षकों द्वारा किया जाता था। महल के मध्य भाग में एक फव्वारा है जो चारों ओर से कमरों से घिरा हुआ है जिसका उपयोग विभिन्न प्रयोजनों के लिए किया जाता था।

जाने से पहले जानिए

इंदौर और मांडू के बीच 82 किमी की दूरी सड़क मार्ग से लगभग 2 घंटे में तय की जा सकती है। जब आप बाज बहादुर महल का दौरा कर रहे हों, तो आसपास के आकर्षण-जहाज महल, रूपमती मंडप और होशंग शाह का मकबरा देखने के लिए छोटे चक्कर लगाना न भूलें।

नॉक नॉक 

यदि आप सूर्यास्त के समय अग्रभूमि में रूपमती मंडप का मनमोहक दृश्य देखना चाहते हैं, तो मांडू में बाज बहादुर महल की यात्रा की योजना बनाएं। अपने कोरोना सुरक्षा गियर के अलावा, इस खूबसूरत ग्रामीण इलाके की सुंदरता को कैप्चर करने के लिए एक कैमरा अवश्य रखें।

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