आम कई कारणों से भारत का राष्ट्रीय फल है और हमारे देश में आम की असंख्य किस्में उगती हैं। लखनऊ की ‘मलिहाबादी दशहरी’ और इंदौर के पास उगाए जाने वाले ‘नूरजहाँ आम’ के साथ एक किस्म ‘मियाज़ाकी आम’ (Miyazaki Mangoes) की हैं, जिन्हें दुनिया में सबसे महंगा माना जाता है। यह किस्म जापान की है और मध्य प्रदेश के एक दंपति द्वारा उगाई गई है, जिन्हें इन दुर्लभ और महंगे आमों की चोरी को रोकने के लिए गार्ड और वॉचडॉग किराए पर लेने पड़े।

आमतौर पर जापान में सन एग के रूप में जाना जाता है

मध्य प्रदेश के बागवान दंपत्ति ने पिछले साल ऐसे पौधे लगाए थे जिनमें असामान्य रंग के, माणिक लाल आम लगे थे। अप्रत्याशित रूप से और सौभाग्य से, वे मियाज़ाकी आम निकले जो दुनिया के सबसे महंगे आमों के रूप में जाने जाते हैं। पिछले साल, उनकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में ₹ 2.70 लाख प्रति किलोग्राम है।

आम की इस बेशकीमती किस्म की खबर आने के बाद चोरों ने बाग परिसर में घुसकर चोरी कर ली। भविष्य में इस तरह की चोरी को रोकने के लिए, दंपति ने 7 आम के पेड़ों की रक्षा के लिए 4 गार्ड और 6 कुत्तों को काम पर रखा है। राज्य के बागवानी विभाग को अभी इस फल का निरीक्षण करना है और यह प्रमाणित करना है कि यह हाइब्रिड है या ओरिजिनल।

जापान में, इन आमों को उनके चमकीले लाल रंग के कारण ‘सन एग’ ( Sun Egg) के रूप में भी जाना जाता है जो भारत में स्थानीय रूप से उपलब्ध हरे और पीले रंगों के आमों से अलग है। हालांकि दंपत्ति ने उत्पाद बेचना शुरू नहीं किया है, फिर भी धनी उपभोक्ताओं ने पहले से ही इसपर नज़र रखी है और मियाज़ाकी आमों की खरीद के लिए एक भारी राशि की पेशकश कर रहे हैं।

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