रिपोर्ट के अनुसार, इंदौर में पिछले 20 दिनों में वायरस के कारण एक भी मौत नहीं हुई है। जैसा कि रोज़ की स्वास्थ्य बुलेटिन पर प्रकाश डाला गया है, यह नया आँकड़ा इस बात का प्रमाण है की महामारी का प्रकोप यहाँ कमज़ोर पड़ रहा है। कोरोनावायरस से आखरी मृत्यु 29 जून को दर्ज की गयी थी और तब से, संख्या में गिरावट देखी गई है।

दूसरी लहर के पीक के बाद कमजोर हुई कोरोना वायरस की ताकत

यह ध्यान दिया जा सकता है कि इंदौर में 3 जुलाई के बाद नए कोरोना मामलों को सिंगल-अंकों तक सीमित कर दिया गया है। जैसे, महीने के पहले सप्ताह के बाद, एक दिन में 5 से अधिक मामले सामने नहीं आते हैं। बुलेटिन रिकॉर्ड से पता चलता है कि पिछले सप्ताह के दौरान अधिकांश दिनों में एक भी संक्रमण के मामले में वृद्धि नहीं हुई।

अधिकारियों ने इस बात पर भी प्रकाश डाला है कि कोरोनावायरस की दूसरी लहर में बढ़ते हुए मामलों के चलते ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है। अधिकांश लोग संक्रमित हुए और उन्होंने वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित कर ली थी। टीकाकरण ने संक्रमण के खिलाफ रक्षा को मजबूत करने में भी मदद की है। अब कम लोगों के संक्रमित होने की संभावना है। अधिकारियों ने कहा कि हर लगातार पीक के बाद वायरस की गति भी कमजोर होती है, जैसा कि 2020 में फैलने के बाद से महामारी का चार्ट देखा गया है।

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