इंदौर में कमला नेहरू प्राणि संग्रहालय, या इंदौर चिड़ियाघर में शुक्रवार को बैंगलोर और औरंगाबाद से तीन खास प्रजाति के पांच पक्षियों को लाया गया है। चिड़ियाघर में पशु विविधता बढ़ाने के अलावा, यह रंग-बिरंगे प्राणी लोगों के आर्कषण का केंद्र होंगे। रिपोर्ट के अनुसार, दो ब्लू-गोल्ड मकाऊ, एक ग्रीन-विंग मकाऊ (हरे पंख वाला मकाऊ),और एक साउथ अफ्रीकन ग्रे पैरट्स का जोड़ा शहर के चिड़ियाघर में लाया गया है। इन पक्षियों को अभी क्वारंटाइन वार्ड में रखा गया है।

शहर के चिड़ियाघर में 30 प्रजातियों के 400 पक्षी मौजूद हैं

प्रोटोकॉल के अनुरूप, तोतों को किसी भी प्रकार के अवांछित संक्रमण से बचाने के लिए अलग-अलग बाड़ों में रखा गया है। एक बार क्वारंटाइन का समय पूरा होने के बाद, पक्षियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का आश्वासन मिलने के बाद, आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। कथित तौर पर, पक्षियों को फिर बर्ड एवियरी (पक्षियों के लिए बनाया गया घर) में स्थानांतरित कर दिया जाएगा और आगंतुक उन्हें देख सकेंगे।

रिपोर्ट के अनुसार, पक्षी विशेषज्ञ और शहर के चिड़ियाघर में पक्षी बाड़ों के प्रभारी नंद किशोर रेड्डी ने बताया कि आवास में लगभग 30 प्रजातियों के 400 पक्षी हैं। लगभग 1.5 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित, बर्ड एवियरी को 980 वर्ग फुट क्षेत्र में स्थापित किया गया है। इसमें खास किस्म के तीन जोड़ी पक्षी हैं, जो बैंगलोर से लाए गए थे। 

चिड़ियाघर के आकर्षण को बढ़ाने के लिए लाए गए विदेशी पक्षी

बताया गया है कि पक्षियों को लाने वाले ड्राइवर को कोरोना हो गया था जिसके कारण पक्षियों को लाने में देरी हो गई। ब्लू एंड गोल्ड मकाऊ, ग्रीन विंग मैकाऊ और अफ्रीकन ग्रे पैरट ने चिड़ियाघर को अपने जीवंत रंगों से गुलज़ार कर दिया है। इन खूबसूरत पक्षियों से निश्चित रूप से चिड़ियाघर की विविधता और आर्कषण में चार चाँद लग जाएंगे।

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