इंदौर ने टीकाकरण के क्षेत्र में एक नयी उपलब्धि हासिल की है। भारत का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर एक ही दिन में लगभग 2.23 लाख कोरोना टीके लगाने वाले भारत के पहले जिला बन गया है। सोमवार को 665 सक्रिय टीकाकरण स्थलों के साथ, इंदौर ने अपने प्रभावशाली स्वछता मॉडल की तरह एक सफल इम्युनिटी अभियान चलाया टीकाकरण में पहले स्थान पर पहुंच गया। 

कथित तौर पर, इस तेज़ पैमाने पर एंटी-वायरस टीके लगाना राज्य के लिए एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। मध्य प्रदेश भी 16 लाख से अधिक टीकों के साथ भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे बड़े केंद्र के रूप में उभरा है। 

टीकाकरण कवरेज इंदौर और एमपी में व्याप्त है

केवल 24 घंटों में अब तक का सर्वाधिक टीकाकरण करते हुए इंदौर और उसका राज्य मध्य प्रदेश देश में प्रभावी और तेजी से टीकाकरण के सबसे बड़े केंद्र के रूप में आगे आया हैं। टीकाकरण अभियान को आगे बढ़ाते हुए, राज्य और उसके जिलों ने वर्तमान महामारी की स्थिति में सर्वाधिक क्षमता को दर्शाया है।

आंकड़े बताते हैं कि मध्य प्रदेश ने 21 जून को दिल्ली से तीन गुना अधिक टीके अकेले ही लगाए थे। यह आंकड़ें देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में लगाए गए टीकों की संख्या से भी दोगुना अधिक था।

आंकड़ों के अनुसार, इंदौर और भोपाल ने 1.37 लाख खुराक की गिनती को पार कर लिया, जबकि उज्जैन की संख्या 1 लाख से अधिक हो गई। ग्वालियर, जबलपुर, धार अन्य दो जिलों में प्रत्येक ने 50,000 से अधिक टीकाकरण किया गया

मध्य प्रदेश की मजबूत टीकाकरण क्षमता

कथित तौर पर, मध्य प्रदेश ने 10 लाख टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक विशेष ‘जनभागीदारी मॉडल’ तैयार किया था। इस मेगा अभियान को शुरू करने के लिए, इस बैनर के तहत पूरे मध्य प्रदेश में लगभग 8,000 टीकाकरण केंद्र स्थापित किए गए थे।

’10 लाख टीकों’ की महत्वाकांक्षा पर विजय प्राप्त करने के लिए प्रत्येक टीकाकरण केंद्र पर दो संचालकों को तैनात किया गया था, जबकि कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग दी गयी थी। कई तैयारियों के साथ, इंदौर के संघ द्वारा 5 लाख टीकों की सुविधा प्रदान की गई।

कोरोना टीकाकरण के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना

इसके बाद, राज्य ने जन सहयोग का अनुरोध करने और लोगों को वैक्सीन की खुराक लेने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक रिमोट बातचीत कार्यक्रम पर काम किया। यहां समुदाय और समिति के नेताओं को जनता को समझाने के लिए शामिल किया गया था। इंदौर में, एआईसीटीएसएल कार्यालय में एक विशेष सुसज्जित कण्ट्रोल रूम स्थापित किया गया था, ताकि मंडे ड्राइव पर नजर रखी जा सके और बाधाओं को दूर किया जा सके।

इसके अलावा, सभी के बीच टीकाकरण के विचार को प्रोत्साहित करने के लिए, लोगों को विभिन्न उपहार देकर टीकाकरण अभियान का समर्थन किया गया था। इन उपहारों में बस टिकट से लेकर रजिस्ट्रेशन तक शामिल थे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्राइम रूट बस ओनर्स एसोसिएशन को इंदौर के नवलख बस स्टैंड टीकाकरण केंद्र में टीकाकरण कराने वाले यात्रियों को यात्रा का मुफ्त टिकट उपलब्ध कराने के लिए शामिल किया है। 

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