राजा रमन्ना सेंटर फॉर एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (Raja Mamanna Center for Advanced Technologies ) द्वारा विकसित एक सतह कीटाणुनाशक उपकरण (surface disinfectant device) मंगलवार को इंदौर हवाई अड्डे के अधिकारियों को सौंप दिया गया। ‘नीलभास्मी’ (NeelBhasmi) एक आईसीएमआर (ICMR) अनुमोदित गैजेट है जिसका उपयोग अब ‘देवी अहिल्याबाई होल्कर हवाई अड्डे’ ( Devi Ahilyabai Holkar Airport) पर परीक्षण के आधार (trial basis) पर बड़ी सतहों को कीटाणुरहित करने और कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, यह वर्तमान में प्रचलित मैनुअल सफाई को समाप्त कर देगा, जो थकाने वाली, समय लेने वाली होती है और इसमे हानिकारक रसायनों का उपयोग किया जाता है।

इंदौर एयरपोर्ट को मिली ‘नीलभस्मी’ की दो यूनिट

मंगलवार को एयरपोर्ट टर्मिनल भवन में आयोजित एक छोटे से समारोह में ‘नीलभस्मी’ की 2 यूनिट इंदौर एयरपोर्ट के निदेशक को सौंपी गई। इसके अलावा, लेजर बायोमेडिकल एप्लीकेशन डिवीजन (Laser Biomedical Applications Division) के प्रमुख और डिवाइस के आविष्कारक डॉ. मजूमदार ने डिवाइस के कामकाज और संचालन के बारे में बताया और एक प्रदर्शन भी दिया। उन्होंने यह भी बताया कि, महामारी के बीच इस तरह की कीटाणुशोधन तकनीक (disinfection technology) समय की आवश्यकता बन गई है, खासकर उन जगहों पर जहां भीड़ अधिक होती है।

नीलभस्मी कैसे काम करती है ?

आरआरटीसीएटी ( RRTCAT), इंदौर में विकसित, नीलभस्मी (NeelBhasmi) एक यूवी-सी प्रकाश-आधारित मोबाइल कीटाणुशोधन उपकरण (UV-C light-based mobile disinfection device) है जो कम दबाव वाले पारा लैंप (low-pressure mercury lamps) द्वारा उत्पन्न 253.7 एनएम यूवी-सी लाइट (253.7 nm UV-C light) का उपयोग करता है। यह उपकरण कमरे के अंदर की हवा और अन्य बड़ी सतहों, जैसे फर्नीचर को डिसइंफेक्ट (disinfect) करने के लिए यूवी-सी रेडिएशन (UV-C radiation ) का कुशलतापूर्वक उपयोग करता है।

SARS-CoV2 के खिलाफ एक कीटाणुशोधन उपकरण (disinfection device) के रूप में नीलभस्मी की प्रभावकारिता (efficacy) का मूल्यांकन दो जगहों- हैदराबाद के ESIC मेडिकल कॉलेज में जैव-सुरक्षा स्तर 3 प्रयोगशाला (Bio-safety Level 3 Laboratory in ESIC Medical College) और COVID-19 परीक्षण के लिए ICMR द्वारा अनुमोदित प्रयोगशाला में किया गया था। परीक्षणों के दौरान, 15 वर्ग मीटर के क्षेत्र में विभिन्न ऊंचाइयों पर रखी गई असंख्य सामग्रियों का परीक्षण किया गया और नीलभास्मी ने उन सभी को सफलतापूर्वक कीटाणुरहित कर दिया।

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