महामारी के कारण, भारत में कई राज्यों में 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी गई थी। नतीजतन, मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने हाल ही में कक्षा 12 के छात्रों के परिणाम तैयार करने के लिए मूल्यांकन मानदंड जारी किया है। यह दूसरी मूल्यांकन योजना में कक्षा 12 के छात्रों का मूल्यांकन कक्षा 10 में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा। उसी के बारे में स्कूल शिक्षा विभाग के आधिकारिक ट्विटर हैंडल के माध्यम से एक नोटिफिकेशन जारी की गई थी।

कक्षा 10 के ‘बेस्ट ऑफ फाइव’ रिजल्ट के आधार पर मूल्यांकन

मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य बोर्ड से एफिलिएटेड कक्षा 12 के छात्रों का मूल्यांकन 10वीं की परीक्षाओं में उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। अंतिम परिणाम तैयार करते समय कक्षा 10 से ‘बेस्ट ऑफ फाइव’ पेपर पर विचार किया जाएगा।

इसके अलावा, गौरतलब है कि सभी छात्र, चाहे वे रेगुलर हों या सेल्फ स्टडी कार्यक्रम से संबंधित हों,सभी प्रोमोट होंगे। जो छात्र उक्त मानदंडों पर तैयार किए गए अपने परिणामों से असंतुष्ट हैं, वे राज्य सरकार द्वारा आयोजित परीक्षा में भाग लेकर अपना रिजल्ट सुधार सकते हैं। हालांकि, ऐसा करने का मौका कोरोना संकट की अवधि समाप्त होने के बाद उपलब्ध होगा।

कक्षा 11 और 12 के स्कूल परीक्षा परिणाम छोड़े गए

केवल कक्षा 10 के परिणामों पर विचार किया जा रहा है और कक्षा 11 और 12 के स्कूल के परिणाम छोड़े जा रहे हैं, क्योंकि 2019 अंतिम वर्ष था जब परीक्षा पूरे प्रोटोकॉल के साथ आयोजित की गई थी। इसलिए, परीक्षा समितियों की ओर से सतर्कता और छात्रों की ओर से तैयारी सर्वोत्तम स्तर की थी। इसके अलावा, कई स्कूलों ने सभी छात्रों को कक्षा 12 में सामान्य प्रमोशन देने का विकल्प भी चुना था, जिस कारण उचित मूल्यांकन नहीं किया गया था।

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