इंदौर में नए कोरोना ​मामलों की संख्या में लगातार गिरावट के बावजूद, जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने ‘तीसरी लहर’ की संभावनाओं को देखते हुए राधा स्वामी कोविड केयर सेंटर को चालू रखने का फैसला किया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह सुविधा वर्तमान में केवल 6 रोगियों के साथ काम कर रही है ताकि अपेक्षित लहर आने पर सेट-अप तैयार रहे। मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा माने जाने वाले राधा स्वामी कोविड केयर सेंटर में 1200 मरीजों को देखभाल करने की क्षमता है। अभी तक केवल एक ब्लॉक ही चालू है।

इंदौर के राधा स्वामी सेंटर में स्टाफ और बेड की संख्या घटी

इंदौर जिले के अधिकारियों ने राज्य भर में फैले कोरोनावायरस के प्रकोप पर अंकुश लगाने में कामयाबी हासिल की है। इस बात का अनुमान यहां के रोगियों की संख्या से लगाया जा सकता है। इसका शहर की कोविड सुविधाओं पर सीधा प्रभाव पड़ा है, विशेष रूप से राधा स्वामी केंद्र पर। जैसा कि केंद्र के इंचार्ज ने बताया, केयर सेंटर पिछले सप्ताह तक 11 मामलों का इलाज कर रहा था। वर्तमान में यहां छह मरीजों का ही इलाज हो रहा है। अधिकारी ने कहा कि अन्य ब्लॉक फेज़ वाइज बंद किए गए।

इस बीच, मामले और कार्यभार में कमी के बीच कर्मचारियों की संख्या में भी 90% की कमी आई है। संसाधनों को स्मार्ट तरीके से प्रबंधित करने और वेस्टेज से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। संक्रमण के चरम पर, मामले में उछाल से निपटने के लिए यहां लगभग 250 लोगों को तैनात किया गया था।

अस्पतालों का बोझ ढोना

दूसरी लहर की शुरुआत से पहले जब केसलोएड कम था, तब इंदौर में कोविड देखभाल केंद्रों की कई प्रणालियों को ख़तम कर दिया गया था। बाद में यह महसूस किया गया कि सीसीसी एक निश्चित बिस्तर क्षमता वाले अस्पतालों के भार को कम करने में बड़ी मदद कर सकते हैं। इसलिए दूसरी लहर के दौरान राधा स्वामी केंद्र की स्थापना की गई, तो यह निर्णय लिया गया कि यह केंद्र कम से कम तीसरी लहर तक काम करता रहेगा।

TOI की रिपोर्ट के अनुसार, राधा स्वामी केंद्र ने अब तक इंदौर में 1200 से अधिक रोगियों का प्रबंधन करने में मदद की है। इसमें एक पोस्ट-कोविड-19 केंद्र भी है, जिसने संक्रमण के बाद की स्थितियों से निपटने वाले 2500 लोगों की जांच और उपचार में मदद की है।

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