कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को पार करने के लिए इंदौर नगर निगम और राज्य स्वास्थय विभाग ने हाँथ मिला लिए हैं। इन दोनों विभागों की जॉइंट टीमें शहर के हर चौराहे पर  ,उन लोगों का कोरोना टेस्ट कर रही हैं जो कोविड प्रोटोकॉल को तोड़ते नज़र आ रहे हैं। इसमें रैंडम तरीके से लोगों का टेस्ट किया जा रहा है और इस पहल का उद्देश्य शहर में संक्रमण दर को कम करके जल्द से जल्द कर्फ्यू के प्रतिबंधों में ढील देना है।

हर टीम हर दिन 80-90 टेस्ट करती है!

रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के स्वास्थ्य विभाग और इंदौर के नगर निगम के व्यक्तियों की टीमों ने शहर भर के विभिन्न स्थानों पर टेस्टिंग कैंप लगाए हैं। बिना मास्क पहने हुए या फिर सोशल डिस्टेंसिंग जैसे अति आवश्यक कोविड प्रोटोकॉल को जो लोग फॉलो नहीं कर रहे, उनका एंटीजन टेस्ट और आरटी-पीसीआर दोनों किया जा रहा है।

टेस्ट के समय,व्यक्ति का फोन नंबर,आधार नंबर लिख लिया जाता है फिर बाद में रिपोर्ट मोबाइल पर भेज दी जाती है। जिन लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव है, उनका इलाज राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा, ये टीमें जनता को कोविड के उचित व्यवहार के बारे में शिक्षित कर रही हैं और यह भी बता रही हैं कि इनका पालन करना क्यों महत्वपूर्ण है।

प्रत्येक टीम प्रतिदिन 80-90 टेस्ट कर रही है और पिछले दो दिनों में एक भी पॉजिटिव मामला सामने नहीं आया है। पहले टीमें डोर-टू-डोर टेस्टिंग कर रही थीं लेकिन ये कैंप इसलिए लगाए गए हैं ताकि लोगों की रैंडम और जल्द से जल्द जांच की जा सके। यह इंदौर में कोरोना के ग्राफ को नीचे ले जाने में मदद करेगा जिससे शहर भर में लागू कर्फ्यू प्रतिबंधों को जल्द से जल्द कम करने में आसानी होगी। 

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