इंदौर नगर निगम 28 जुलाई से शहर के भिक्षुकों को पुनर्वास केंद्र पर लाने का अभियान शुरू करेगा। यह अभियान शहर को भिक्षुकमुक्त करने की दिशा में चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों, गांधी हाल, धर्मस्थलों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य स्थानों पर भिक्षुकों को केंद्रों पर लाकर उनका पुनर्वास किया जाएगा।

शहर के भिक्षुकों को मिलेंगी सुविधाएं  

इसी सिलसिले में नगर निगम आयुक्त ने एक समीक्षा बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त ने यह कहा की शहर के विभिन्न स्थानों पर भिक्षुकों के होने से शहरवासियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसी कारण सभी भिक्षुकों को पुनर्वास केंद्र लाकर उनका पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा। जो भी भिक्षुक 60 साल की उम्र से अधिक के हैं उन्हें वृद्धाश्रम में भेज दिया जाएगा और जिन्हे किसी प्रकार की शारीरिक समस्या है उनके इलाज की व्यवस्था की जायेगी। इसके अलावा जिन्हे काम करने की इच्छा है,उन्हें रोज़गार प्रदान किया जाएगा।

आयुक्त ने कहा कि यदि किसी भिक्षुक के स्वजन उसे अपने साथ ले जाना चाहते हैं, तो उनसे अंडरटेकिंग लेकर भिक्षुकों को उन्हें सौंपेंगे। निगम उनकी सतत निगरानी करेगा। यदि कोई भिक्षुक दोबारा भीक मांगता हुए मिला, तो उसके स्वजन पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में आयुक्त ने पुनर्वास केंद्र की मरम्मत कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में परदेशीपुरा स्थित केंद्र के अधिकारी, नगर निगम के अपर आयुक्त और सिटी इंजीनियर मौजूद थे।

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