इंदौर का लालबाग़ पैलेस ऐतिहासिक रूप से एक महत्वपूर्ण स्थान है। इसकी उत्पत्ति होल्कर राजवंश के युग से हुई थी और यह संरचना एक बदलाव के लिए तैयार है। शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भोपाल स्थित मिंटो हॉल की तर्ज पर इस पुरातन भवन में परिवर्तन किये जाएंगे। राज्य के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने जल संसाधन मंत्री के साथ मिलकर 1 जुलाई को परिसर का दौरा किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस संक्रमण का कार्य सुचारू रूप से हो रहा है।

नवीनतम परिवर्तनों में एक कॉन्स्टेलशन गार्डन भी शामिल है

इंदौर में पर्यटन को बढ़ावा देने का सीधा संबंध इसके विरासत स्थलों के उचित प्रबंधन से और उनकी ख्याति को बढ़ाने से है। शहर की सबसे प्राचीन जगहों में से एक है लाल बाग पैलेस। इस महल की लगभग सौ साल पुरानी पुरातन इमारत, जिसे ‘इंदौर का बकिंघम पैलेस’ भी कहा जाता है, में अब अन्य चीजों के साथ एक नक्षत्र उद्यान और एक योग केंद्र भी शामिल होगा।

भोपाल के मिंटो हॉल की तरह सजाये गए लाल बाग पैलेस की ऊपरी मंजिल को पर्यटकों के लिए गेस्ट हाउस में बदला जाएगा। इन सभी परिवर्तनों को करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार दोनों से वित्तीय सहायता ली जाएगी। अब तक, फर्नीचर के नवीनीकरण, कलाकृतियों के नवीनीकरण और महल की दीवारों की मरम्मत के लिए 9 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।

लाल बाग पैलेस को एक विशेष स्मारक के रूप में जाना जाता है जिसका महत्व पुरातत्व, वास्तुकला और इतिहास के क्षेत्र में फैला हुआ है। इसलिए, इंदौर के गौरव के रूप में इसके संरक्षण और प्रचार के लिए राज्य सरकार द्वारा कई प्रयास किए गए हैं।

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