पशु प्रेमियों को जल्द ही इंदौर चिड़ियाघर में जीवों की एक नई प्रजाति के आकर्षक दृश्य को देखने का अवसर मिलेगा। कथित तौर पर, इंदौर चिड़ियाघर के अधिकारियों ने अफ्रीकी ज़ेबरा का स्वागत करने की योजना शुरू की है। एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम (पशु विनिमय कार्यक्रम) के तहत, अफ्रीकी ज़ेबरा के एक जोड़े को मुंबई के वीरमाता जीजाबाई भोसले चिड़ियाघर से इंदौर लाया जाएगा। इसके साथ ही इंदौर चिडि़याघर प्रदेश का ऐसा पहला चिडि़याघर बन जाएगा जहां अफ्रीकन जेब्रा के युवा जोड़ा भी होगा। रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई के चिड़ियाघर में जानवरों को इज़राइल से प्राप्त किया जाएगा, और पूरी प्रक्रिया में 2-3 महीने लग सकते हैं।

चिड़ियाघर में ज़ेब्रा के रहने के लिए बनाया जा रहा नया बाड़ा


इंदौर चिड़ियाघर के प्रभारी, डॉ उत्तम यादव ने कहा कि महामारी के कारण चिड़ियाघर में सामान्य कार्यवाही रुकी हुई है, लेकिन अधिकारियों ने इन नए जीवों को लाने के लिए इस परियोजना पर काम करना शुरू कर दिया है। इसके अतिरिक्त, चिड़ियाघर परिसर में जेब्रा को रखने के लिए एक बाड़ा बनाया जा रहा है।

जानवरों के प्रवेश के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से विशेष अनुमति की आवश्यकता होती है, ऐसे में ये उम्मीद की जा रही है कि चिड़ियाघर प्राधिकरण की बैठक के बाद योजना में तेजी आएगी। रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई के चिड़ियाघर में तीन जोड़ी ज़ेबरा का स्वागत किया जाएगा और उसके बाद, एक जोड़ी को इंदौर के चिड़ियाघर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

चिड़ियाघर जानवरों की 60 से अधिक प्रजातियों मौजूद हैं

कथित तौर पर, डॉ यादव ने बताया कि चिड़ियाघर में हाथी मोती और 11 शेरों सहित 60 से अधिक प्रजातियों के 600 से अधिक जानवर हैं। अब, ज़ेबरा चिड़ियाघर में विविधता को बढ़ाएंगे और पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। दिखने में आकर्षक, अफ्रीकी ज़ेबरा समूहों में पनपते हैं और उनका जीवन काल लगभग 19-20 वर्षों का होता है।