कोरोनावायरस की दूसरी लहर में गिरावट को देखते हुए, मध्य प्रदेश राज्य ने 26 जुलाई से कक्षा 11वीं और 12वींं के लिए स्कूलों को फिर से खोलने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि छात्र शुरुआत में 50% क्षमता पर ऑफ़लाइन कक्षाओं में भाग लेंगे। इसके अलावा, छात्र सामाजिक दूरी के मानदंडों को प्रभावी ढंग से बनाए रखने के लिए छात्र दो बैचों में स्कूल आएंगे।

अल्‍टरनेट दिनों पर स्कूल खोले जाएंगे


मध्य प्रदेश के स्कूलों को 26 जुलाई से फिर से खोलने के पहले चरण को लागू करने का निर्देश दिया गया है। वर्तमान में केवल कक्षा 11 और 12 के छात्रों को स्कूलों में जाने की अनुमति दी गई है। कथित तौर पर, शैक्षणिक संस्थानों को 'तीसरी लहर' के उदय को रोकने के लिए सभी महामारी उपयुक्त प्रोटोकॉल पर ध्यान देने के लिए कहा गया है।

ऐसे में दोनों कक्षाओं के छात्रों को दो बैचों में बांटा जाएगा। अल्‍टरनेट रूप से दोनों बैच स्कूलों में भाग लेंगे, यानी सप्ताह में चार कार्यदिवसों में से एक बैच दो दिन और दूसरा शेष दो दिन अध्ययन करेगा। रणनीति कारगर रही तो इसी तर्ज पर जुनियर कक्षाएं भी शुरू की जाएंगी।

बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए सीएम ने कहा, '' राज्य में कोविड-19 संक्रमण की स्थिति अब काबू में है। तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारी की जा रही है। कोरोना संक्रमण के कारण बच्चों का अध्ययन और शाला गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। ऑनलाइन और वर्चुअल प्रक्रिया से अध्ययन जारी है, परंतु इसकी प्रभावशीलता का आकलन शेष है। लंबे समय से घरों में रहकर बच्चे कुंठित हो रहे हैं। शाला संचालकों की आपनी समस्याएं हैं। इन परिस्थितियों में प्रदेश में नियंत्रित हुए कोरोना संक्रमण को देखते हुए शाला संचालन चरणबद्ध रूप से आरंभ करने का निर्णय लिया गया है।"

राज्य ने पिछले कुछ हफ्तों से कोविड मामलों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की है। भोपाल और इंदौर जैसे वायरस हॉटस्पॉट में भी अब गिरावट देखी जा रहीं है। वर्तमान में, इंदौर में केवल 130 सक्रिय कोरोनावायरस मामलों का इलाज चल रहा है।