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ज़िला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार शहर में पिछले 3 महीनों में बच्चों की डेंगू संक्रमण दर में उल्लेखनीय 8% की गिरावट दर्ज़ करी गयी है।
पिछले 2 दिनों में इंदौर में डेंगू का कोई भी नया मामला सामने नहीं आया है।
अब तक कुल डेंगू के केसों की संख्या 1,186 हो गई है।
इंदौर में डेंगू का संक्रमण नवंबर के मध्य में 33 प्रतिशत के अब तक के उच्चतम स्तर से घटकर अब केवल 25 प्रतिशत रह गया है।
विशेषज्ञों ने बच्चों में डेंगू के संक्रमण में घटती दर के लिए ठंडे तापमान को जिम्मेदार ठहराया है।

इंदौर को बड़ी राहत देते हुए शहर के ज़िला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 3 महीनों में बच्चों की डेंगू संक्रमण दर में उल्लेखनीय 8% की गिरावट दर्ज़ करी गयी है। यह राहत भरी ख़बर तब आयी जब 11 दिसंबर को ज़िले में डेंगू सकारात्मकता दर को कुल हिस्से का एक चौथाई तक कम करने की सूचना मिली थी। विशेष रूप से, पिछले 2 दिनों में इंदौर में डेंगू का कोई भी नया मामला सामने नहीं आया है। जिससे अब तक कुल डेंगू के केसों की संख्या 1,186 हो गई है।

ठंडे तापमान के कारण शहर में डेंगू के प्रसार में मिली राहत

जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) की रिपोर्ट के अनुसार, इंदौर में डेंगू का संक्रमण नवंबर के मध्य में 33 प्रतिशत के अब तक के उच्चतम स्तर से घटकर अब केवल 25 प्रतिशत रह गया है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, सितंबर में बच्चों में डेंगू के 384 मामले दर्ज किए गए थे जो अक्टूबर में घटकर 357 और नवंबर में 333 हो गए थे।

विशेषज्ञों ने बच्चों में डेंगू के संक्रमण में घटती दर के लिए ठंडे तापमान को जिम्मेदार ठहराया है। ठंडा तापमान डेंगू पैदा करने वाले मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल नहीं होता है। जिसके परिणामस्वरूप संक्रमण की दर और मामलों की संख्या कम हो जाती है। डीएमओ ने बताया कि इंदौर में डेंगू की पिछली स्पाइक लगातार बारिश के कारण हुई थी। जिसके कारण शहर में कई प्रजनन क्षेत्र बन गए जिस वजह से मामले बढ़ गए थे।

ग़ौरतलब है की जब भी तापमान या मौसम में बदलाव होता है तो छोटे बच्चे बीमारियों के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील होते हैं। यह मुख्य रूप से इसलिए है क्योंकि मौसम में उतार-चढ़ाव वाले बदलाव से निपटने के लिए उनमें प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। चूंकि पारा अब स्थिर है जिस वजह से मामलों को सीमित करने में मदद मिली है।

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