जरूरी बातें

इंदौर में एशिया का सबसे बड़ा और देश का पहला कचरे से बायो-सीएनजी गैस (Bio CNG Gas) बनाने वाले बायोमेथनेशन प्लांट (Biomethanation Plant) बनकर हुआ तैयार।
देवगुराडिया की पहाड़ी पर स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में 150 करोड़ की लागत से निर्मित इस प्लांट में प्रतिदिन 18 हजार लीटर बायो सीएनजी गैस (Bio CNG Gas) बनायी जायेगी।
बायो सीएनजी गैस (Bio CNG Gas) द्वारा शहर में चलने वाली नगर सिटी बसों सहित नगर निगम के वाहन भी संचालित किये जायेंगे।
किसानों के खेतों की उर्वरक क्षमता बढ़ाने के लिए सिटी कम्पोस्ट का किया जाएगा उपयोग।
नगर निगम 50 प्रतिशत सीएनजी गैस और सिटी कम्पोस्ट भी बेचेगा।

लगतार पांच वर्षों से देश के सबसे स्वच्छ शहर का ख़िताब नाम करने वाले इंदौर ने अब एक और उपलब्धि हासिल कर ली है। इंदौर में एशिया का सबसे बड़ा और देश का पहला कचरे से बायो सीएनजी गैस (Bio CNG Gas) बनाने वाले बायोमेथनेशन प्लांट (Biomethanation Plant) का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके साथ ही इस प्लांट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया जा सकता है। देवगुराडिया की पहाड़ी पर स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में 150 करोड़ की लागत से निर्मित इस प्लांट में प्रतिदिन 18 हजार लीटर बायो सीएनजी गैस (Bio CNG Gas) उत्पन्न होगी। साथ ही 100 टन खाद भी तैयार करी जायेगी।

गैस से संचलित होंगी नगर सिटी बसें और अन्य वाहन

प्लांट से बनायी जाने वाली बायो सीएनजी गैस (Bio CNG Gas) द्वारा शहर में चलने वाली नगर सिटी बसों सहित नगर निगम के वाहन भी इसी गैस से संचालित किये जायेंगे। इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि, “पांच बार देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब जीतने वाले इंदौर के लिए यह एक और बड़ी उपलब्धि होगी।

यह पूरे देश में पहला ऐसा संयंत्र होगा जहां शहर से एकत्र किए गए कचरे से सीएनजी गैस बनाई जाएगी और उससे सिटी बसें चलाई जाएंगी।” उन्होंने बताया कि कोविड की वजह से इस प्लांट के निर्माण में थोड़ा वक्त लग गया, क्योंकि प्लांट के कई हिस्से विदेशों से मंगवाए गए हैं। चूँकि अब यह बनकर तैयार हो गया है और इस प्लांट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा।

नगर निगम के लिए बनेगा कमाई का ज़रिया

नगर निगम इंदौर की कमिश्नर प्रतिभा पाल द्वारा साझा करी गयी जानकारी के अनुसार इस प्लांट द्वारा प्रतिदिन 18,000 लीटर बायो-सीएनजी सहित 100 टन गुडवत्तायुक्त खाद तैयार करी जाएगी। किसानों के खेतों की उर्वरक क्षमता बढ़ाने के लिए इसी सिटी कम्पोस्ट का उपयोग किया जाएगा। इस परियोजना के तहत शहर के 500 टीपीडी (TPD) जैविक ठोस अपशिष्ट (Solid Waste) को प्रोसेस किया जायेगा । नगर निगम 50 प्रतिशत सीएनजी गैस (CNG Gas) और सिटी कम्पोस्ट भी बेचेगा जिससे अच्छी -ख़ासी आमदनी होगी। इसके साथ ही नगर निगम को प्रतिवर्ष 1.5 करोड़ रुपये का प्रीमियम भी प्राप्त होगा।

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