जरूरी बातें

इंदौर नगर निगम के एक कर्मचारी ने नो-वेस्ट सिद्धांत (No-Waste Principle) के अनुरूप की शादी।
शादी में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक की चीज़ों को कम कर कार्बन फुटप्रिंट पर रोकथाम करी जा सकी है।
शहर में इसी तरह के ज़ीरो-वेस्ट (Zero Waste) आयोजनों को कराने के लिए ‘स्वाहा’ नाम के स्टार्टअप ने इंदौर नगर निगम के साथ मिलाया हाथ।
स्टार्टअप ने एक महीने में दो सफल शादियां करने के बाद इस नीति के तहत लगभग 200 और समारोहों आयोजित करने का बनाया है लक्ष्य।
इंदौर नगर निगम ने नवविवाहितों को उपहार में दी ‘होम कम्पोस्टिंग किट’ (Home Composing Kit)।

बीते 5 वर्षों से लगातार स्वच्छता सर्वेक्षण (Swachh Survekshan) में प्रथम स्थान हासिल करने वाला इंदौर अब पर्यावरण के अनुकूल उपायों को अपनाते हुए ज़ीरो-वेस्ट (Zero Waste) विवाह समारोहों को बढ़ावा दे रहा है। जिसके तहत हाल ही में इंदौर नगर निगम (IMC) के एक कर्मचारी ने नो-वेस्ट सिद्धांत के अनुरूप शादी करने का फैसला लिया जिस वजह से शादी समारोह में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक की चीज़ों को कम उपयोग में लाकर शादी में कार्बन फुटप्रिंट पर रोकथाम करी जा सकी है।

शहर में इसी तरह के ज़ीरो-वेस्ट (Zero Waste) आयोजनों को कराने के लिए ‘स्वाहा’ नाम के स्टार्टअप ने इंदौर नगर निगम के साथ हाथ मिलाया है। एक महीने में दो सफल शादियों का प्रबंधन करने के बाद यह स्टार्टअप अब अगले दो महीनों में ज़ीरो-वेस्ट नीति (Zero-Waste Policy) के आधार पर लगभग 200 और समारोह आयोजित करने का लक्ष्य बना रहा है।

घर में स्वछता बनाये रखने के लिए जोड़े को उपहार में दी गयी ‘होम कम्पोस्टिंग किट’

कटलरी से लेकर सजावट के लिए उपयोग की जाने वाली वस्तुयें जैसे प्लास्टिक, थर्मोकोल और स्टायरोफोम से बने उत्पादों का उपयोग करने के बजाय इस स्टार्टअप ने शादी के कार्यक्रम में सभी पर्यावरण के अनुकूल वस्तुओं का उपयोग किया है। इसी के सन्दर्भ में ‘स्वाहा’ के संस्थापक समीर शर्मा ने बताया कि उनकी फर्म ‘3R’ के स्वच्छता फॉर्मूले यानि रीड्यूस (Reduce), रीयूज़ (Reuse) तथा रीसायकल (Recycle) का पालन करती है।

विशेष रूप से, इंदौर नगर निगम ने नवविवाहितों को एक ‘होम कम्पोस्टिंग किट’ (Home Composing Kit) उपहार में दी और मेहमानों को इस अवसर पर शादी में गीले कचरे का उपयोग करके तुरंत तैयार की गई खाद भी वितरित की। नगर निकाय के एक अधिकारी के अनुसार, “इस कांसेप्ट को बढ़ावा देने के लिए नगर निकाय वो सभी उपाय कर रहा है जिससे कम कूड़ा हो और समारोहों में व्यवस्थित तरीके से कूड़े का प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।”

लगातार पांचवीं बार भारत में सबसे स्वच्छ शहर होने का टैग हासिल करने के बाद इंदौर अब अन्य शहरों के लिए एक उदाहरण स्थापित कर रहा है। इंदौर इस नये पर्यावरण के अनुकूल कांसेप्ट को बढ़ावा देने के अपने सराहनीय प्रयास के लिए प्रशंसा कर रहा है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *