मुख्य बिंदु

टाटा स्टील ने झारखंड के रामगढ़ जिले में अपने वेस्ट बोकारो डिवीजन में 14 ट्रांसजेंडरों को शामिल किया।

14 ट्रांसजेंडरों को हेवी अर्थ मूविंग मशीनरी (एचईएमएम) के ऑपरेटरों के रूप में शामिल किया।

टाटा स्टील 2025 तक अपने वर्क फाॅर्स में 25 प्रतिशत विविधता का लक्ष्य निर्धारित किया है।

एक ऐतिहासिक कदम लेते हुए देश की सबसे अग्रणी कंपनियों में से एक टाटा स्टील ने गुरुवार को झारखंड के रामगढ़ जिले में अपने वेस्ट बोकारो डिवीजन में 14 ट्रांसजेंडरों को हेवी अर्थ मूविंग मशीनरी (एचईएमएम) के ऑपरेटरों के रूप में शामिल किया। इस सर्वोच्च पहल के साथ टाटा स्टील ट्रांसजेंडरों को नियुक्त करने वाले देश के पहले कंपनी बन गए हैं। इससे पहले, कंपनी ने अपनी वूमेन एट माइन्स पहल के तहत 17 महिलाओं को एचईएमएम ऑपरेटरों के रूप में शामिल किया था।

टाटा स्टील ने गुरुवार को सभी 14 ट्रांसजेंडरों नियुक्ति पत्र प्रदान किया है। इस अवसर पर टाटा स्टील के उपाध्यक्ष, ने कहा कि टाटा स्टील लोगों की विशिष्टता का सम्मान करती है और इसी के चलते यह कदम उठाया गया है। कंपनी ने गुरुवार को एक बयान में कहा की सभी नव नियुक्त व्यक्ति वर्तमान में ट्रेनिंग में हैं और अगले साल की शुरुआत में खनन कार्यों में तैनात किए जाएंगे।

टाटा स्टील ने कहा कि कंपनी LGBTQ+ समावेशन को बढ़ावा देने और बेंचमार्क कार्यस्थल बनाने के अपने प्रयासों को जारी रखेगी। टाटा स्टील 2025 तक अपने वर्क फाॅर्स में 25 प्रतिशत विविधता का लक्ष्य निर्धारित किया है। वास्तव में टाटा कंपनी की यह पहल एक विविध और समावेशी कल की दिशा में एक महत्वपूर्ण और अभूतपूर्व कदम है।

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