मुख्य बिंदु

भारत में 10 जनवरी से बूस्टर वैक्सीन लगना शुरू हो गयी है।
स्वास्थ्य कार्यकर्ता,फ्रंटलाइन कार्यकर्ता और 60 वर्ष से अधिक आयु के कोमोरबिड नागरिक शामिल हैं।
बूस्टर खुराक का उद्देश्य वैक्सीन की प्रभावशीलता को बहाल करना है।
बूस्टर शॉट से संबंधित अन्य सभी जानकारी यहाँ जानें।

देश भर में अत्यधिक संक्रामक वैरिएंट, ओमीक्रॉन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, इसके चलते भारत ने 10 जनवरी को महामारी से बचाव के लिए कोरोना वैक्सीन की एहतियाती खुराक (या बूस्टर शॉट) लगना शुरू हो गयी है। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक प्राथमिकता वाले लोगों को ‘तीसरी’ डोज़ लगाई जा रही है, जिसमें स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ता, फ्रंटलाइन कार्यकर्ता और 60 वर्ष से अधिक आयु के कोमोरबिड नागरिक शामिल हैं।

कौन कौन बूस्टर शॉट लगवाने के लिए योग्य है, कैसे रजिस्ट्रेशन करें और बूस्टर शॉट से संबंधित अन्य सभी जानकारी, यहाँ जानें।

एहतियाती खुराक लगवाने के लिए कौन पात्र है?

बूस्टर टीकाकरण नीति विकसित करने पर डब्ल्यूएचओ की सलाह के अनुसार, भारत ने बूस्टर वैक्सीन के पहले चरण के लिए हाई-रिस्क वाले नागरिकों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। 25 दिसंबर, 2021 को एक आधिकारिक संबोधन में, प्रधान मंत्री ने कहा, “स्वास्थ्य देखभाल और फ्रंट-लाइन कार्यकर्ताओं के लिए बूस्टर शॉट्स, या ‘एहतियाती शॉट्स’ 10 जनवरी को शुरू किए जाएंगे। 60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिक जो कोमोरबिडिटी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं, वे भी 10 जनवरी से अतिरिक्त टीका भी लगवा सकते हैं।

क्या आपको बूस्टर खुराक लगवानी चाहिए?

हां। यदि आपने टीकाकरण की शुरुआती 2 खुराकें पहले ही पूरी कर ली हैं, तो आपको इसकी प्रभावों को बरकरार रखने के लिए एक एहतियाती शॉट लेना चाहिए। 22 दिसंबर 2021 को डब्ल्यूएचओ की अंतरिम प्रेस रिलीज़ के अनुसार, “बूस्टर शॉट उस आबादी के लिए उपलब्ध हैं, जिसने अपनी प्राथमिक टीकाकरण डोज़ (वर्तमान में उत्पाद के आधार पर 1 या 2 खुराक) पूरी कर ली है। बूस्टर खुराक का उद्देश्य वैक्सीन की प्रभावशीलता को बहाल करना है जिसे अब पर्याप्त नहीं माना जाता है और वायरस के खिलाफ टीके की सुरक्षा को बहाल करना है।”

तीसरी खुराक लेना कितना सुरक्षित है?

 

ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका या फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन के प्राथमिक 2 टीकों के बाद तीसरी खुराक / बूस्टर शॉट के रूप में 7 टीकों की सुरक्षा और प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए हाल ही में एक क्लीनिकल ​​ट्रायल का चरण 2 आयोजित किया गया था। उनमें से लगभग 6 बूस्टर 28 दिनों में एंटीबॉडी प्रतिक्रिया में उल्लेखनीय वृद्धि करने में प्रभावी पाए गए।

टीकों के कारण होने वाले दुष्प्रभाव ज्यादातर सहनीय थे और सामान्य तौर पर, इंजेक्शन की जगह पर दर्द, सिरदर्द और थकान शामिल थे। अध्ययन ने निष्कर्ष निकाला कि इन ‘तीसरे’ शॉट्स द्वारा पैदा होने वाली इम्युनिटी और साइड इफेक्ट्स में काफी अलग है।

भारत बायोटेक- कोवैक्सिन के बारे में कोई डेटा नहीं मिला है, इसलिए यदि आप अभी भी तीसरी खुराक की सुरक्षा के बारे में अनिश्चित हैं, तो हम टीका लगाने से पहले डॉक्टर से जांच कराने की सलाह देंगे।

ये टीके आपकी पहली 2 खुराक की प्रभावों को बेहतर ढंग से बनाए रखने और प्रभावों को कम होने से रोकने के अधिक साधन हैं। आप ऐसा सोचें की जब आपकी आखिरी ढाल लंबी लड़ाई लड़ने से खराब हो जाती है, तो यह बूस्टर डोज़ अतिरिक्त ढाल के रूप में कार्य करेगी।

क्या मैं अपने बूस्टर शॉट के लिए मिक्स मैच के करके टीके लगवा सकता हूं?

नहीं, तीसरी खुराक के लिए अपने टीके को बदलना संभव नहीं है। भारत की कोविड टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ वीके पॉल ने कहा, “एहतियाती तीसरी खुराक पाने के पात्र लोगों के लिए टीकों का कोई मिश्रण नहीं होगा।” इसका मतलब यह है कि जिन नागरिकों ने सीरम इंस्टिट्यूट के कोविशील्ड का विकल्प चुना है, उन्हें इसकी तीसरी खुराक मिलेगी, जबकि भारत बायोटेक के कोवैक्सिन को लेने वालों को केवल कोवैक्सिन की तीसरी खुराक ही मिलेगी।

दूसरी और तीसरी खुराक के बीच आदर्श गैप कितना होना चाहिए?

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दूसरी डोज और तीसरी डोज के बीच 9-12 महीने का गैप होने की संभावना है। यद्यपि आवश्यक आदर्श अवधि और इसकी बारीकियों पर शोध अभी भी जारी है और न्यूनतम अवधि का विवरण जल्द ही आने की उम्मीद है। डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट के अनुसार, टीके की प्रभावशीलता 6 महीने के बाद कम होने लगती है।

बूस्टर खुराक के लिए पंजीकरण कहाँ करें?

बूस्टर खुराक के लिए CoWin पोर्टल पर फिर से पंजीकरण करने की आवश्यकता नहीं है। पात्र नागरिक आसानी से उसी खाते से अपनी टीकाकरण नियुक्ति का समय निर्धारित कर सकते हैं जिसका उपयोग उन्होंने अपनी पहली 2 खुराक बुक करते समय किया था। कुछ जगहों पर वॉक-इन की भी अनुमति है।

भारत ने 3 जनवरी 2022 से 15-17 आयु वर्ग के बच्चों के लिए सफलतापूर्वक टीके लगाना शुरू कर दिया है। CoWin डैशबोर्ड के अनुसार, मंगलवार, 11 जनवरी 2022 तक 2.7 लाख से अधिक बच्चों को टीका लगाया जा चुका है।

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