मुख्य बिंदु

नागर विमानन मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि भारत आने-जाने वाली सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 15 दिसंबर से सामान्य रूप से संचालित होंगी।
हालांकि उन देशों के लिए उड़ानों पर प्रतिबंध जारी रहेगा जहां कोरोना वायरस का संक्रमण (Covid-19 Infection) अभी भी फैला हुआ है.
नागरिक उड्यन मंत्रालय ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को शुरू करने से पहले अलग अलग देशों में कोरोना के जोखिम के आधार पर तीन श्रेणियां बनाई जाएंगी।
मंत्रालय के अनुसार इस श्रेणी में शामिल देशों के लिए अलग अलग कोविड प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।

अफ्रीकी देशों में कोरोना वायरस का नया वैरिएंट मिलने से एक बार फिर पूरी दुनिया चिंता में आ गई है और इसी बीच भारत सरकार ने 15 दिसंबर से भारत आने-जाने वाली इंटरनेशनल फ्लाइट्स सामान्य रूप से संचालित करने की अनुमति दे दी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी।

डेल्टा से भी खतरनाक माने जा रहे वायरस के इस वैरिएंट के कारण कई देश कड़े फैसले ले रहे हैं। हालांकि, अभी भारत में इसका कोई भी केस नहीं मिला है। देश में सभी फ्लाइट्स 23 मार्च 2020 से ही बंद है। अभी 28 देशों के साथ करार के तहत विशेष फ्लाइट्स संचालित है। इंटरनेशनल फ्लाइट्स की मंजूरी के बाद देशो से हुआ एयर बबल करार अब खत्म हो जाएगा। विमानन कंपनियां और उड़ानों की संख्या के लिए देशों को करार करना होगा।

जोखिम के आधार पर यात्रियों को आवाजाही की इजाजत दी जाएगी

जिन देशों में कोरोना वायरस का खतरा नहीं है वहां से कोरोना से पहले की क्षमता के आधार पर इंटरनेशनल उड़ान सेवाएं चलाने की इजाजत होगी और यहां पूरी क्षमता के साथ विमानों का संचालन हो सकेगा।

जिन देशों को संक्रमण ‘खतरे’ की सूचि में रखा गया है और वहां से एयर बबल समझौता है तो कोरोना से पहले की 75% क्षमता के साथ विमान चलाए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने ब्रिटेन सहित यूरोप, साउथ अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरिशस, न्यूज़ीलैण्ड, ज़िम्बाब्वे, सिंगापूर, हांगकांग और इज़राइल को इस सूचि में डाला है।

जिनको ‘खतरे’ की सूचि में रखा गया है और उनका भारत से कोई एयर बबले समझौता नहीं हैं तो उन्हें महामारी से पहले के मुकाबले 50% क्षमता के साथ उसे भारतीय या विदेशी विमानन कंपनियों की इंटरनेशनल उड़ान भरने की अनुमति होगी।

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