जरुरी बातें

जनरल बिपिन रावत का जन्म 16 मार्च 1958 में उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में हुआ था।
उनके दादा ब्रिटिश आर्मी में सूबेदार थे और उनके पिता सेना में लेफ्टिनेंट जनरल थे।
2011 में उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से मिलिट्री मीडिया स्टडीज में पीएचडी की डिग्री हासिल की थी।
16 दिसंबर 1978 को 11 गोरखा राइफल्स की पांचवीं बटालियन में द्वितीय लेफ्टिनेंट के पद पर हुई थी तैनाती।
साल 2016 में जनरल बिपिन रावत ने भारत के 27 वें भारतीय सेना प्रमुख के रूप में पदभार संभाला।
1 जनवरी 2020 को जनरल बिपिन रावत ने देश के पहले चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ का संभाला था पद।
8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु में कुन्नूर के जंगलों में सेना का MI-17 हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और पत्नी मधुलिका समेत 13 लोगों का निधन हो गया

वर्ष 2016 में उरी (Uri) में भारतीय सैनिकों पर पकिस्तान द्वारा किये गए हमले के जवाब में एयरस्ट्राइक कर दुश्मनों को धूल चटाना हो या फिर बालाकोट एयरस्ट्राइक के वक़्त थलसेनाध्यक्ष का पद निभाते हुए मिशन को सफल बनाना हो, जनरल बिपिन रावत एक ऐसी शख्सियत थे जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा के लिए समर्पित किया।

जनरल बिपिन रावत रणनिति के एक कुशल योद्धा थे जो सेना में अपने सख़्त और सटीक फ़ैसले लेने के लिए जाने जाते थे। 40 वर्षों से ज़्यादा देश की सेवा को सर्वोपरि रखने वाले जनरल बिपिन रावत ने हमेशा चुनौतियों का डट कर सामना किया। अपने हर मिशन में सफलता हासिल करने वाले जनरल बिपिन रावत का जीवन काफी रोचक रहा जिसके बारे में आज हम आपको बताएंगे।

सैन्य परिवार से रखते थे तअल्लुक़

जनरल बिपिन रावत का जन्म 16 मार्च 1958 में उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में हुआ था। पौड़ी कोटद्वार तहसील की ग्रामसभा बिरमोली जवाड़ गांव की सौंणा तोक के रहने वाले जनरल बिपिन रावत का पूरा परिवार सेना में था। उनके दादा ब्रिटिश आर्मी में सूबेदार थे और उनके पिता लक्ष्मण सिंह रावत सेना में लेफ्टिनेंट जनरल थे जो बाद में आर्मी चीफ के पद तक पहुंचे थे।

बचपन से ही पढ़ाई में रूचि रखने वाले जनरल बिपिन रावत ने 1969 में गढ़ी कैंट में कैम्ब्रिज हाल स्कूल में कक्षा छह में एडमिशन लिया था। पिता के सेना में कार्यरत होने की वजह से जनरल बिपिन रावत की शिक्षा देश के विभिन्न शहरों में संपन्न हुई। जिसके बाद 2011 में उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से मिलिट्री मीडिया स्टडीज में पीएचडी की डिग्री हासिल की थी।

सेना में जाने का था सपना

एक सैन्य परिवार का हिस्सा रहे जनरल बिपिन रावत भी देश की सेवा करना चाहते थे। अपनी मूल शिक्षा ग्रहण करने के बाद उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से आर्मी की ट्रेनिंग पूरी की और यहीं से उनके सैन्य जीवन की शुरुआत हुई। दिसंबर 1978 में भारतीय सैन्य अकादमी से पास होने के बाद 16 दिसंबर को 11 गोरखा राइफल्स की पांचवीं बटालियन में द्वितीय लेफ्टिनेंट (Second lieutenant) के पद पर उनकी तैनाती हुई।

हर कदम पर अपनी मेहनत और लगन का परिचय देने वाले जनरल बिपिन रावत दिसंबर 1978 में कमीशन ऑफिसर बने और 31 दिसंबर 2016 को उन्होंने थलसेना प्रमुख का कार्यभार संभाला था। जनरल रावत ने ब्रिगेड कमांडर (Brigade Commander ), जनरल आफिसर कमांडिंग चीफ (General officer commanding), दक्षिणी कमांड (Southern Command), मिलिट्री ऑपरेशंस डायरेक्टोरेट में जनरल स्टाफ आफिसर ग्रेड जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी काम किया था।

देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बने

वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री ने इंडियन आर्म्ड फोर्सेज का मिलिट्री प्रमुख यानी चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ को नियुक्त करने की घोषणा की थी, जिसके लिए चार स्टार जनरल को ही इस पद पर नियुक्त किया जाना था। आखिरकार 1 जनवरी 2020 को जनरल बिपिन रावत ने देश के पहले चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ का पद संभाला था। जनरल बिपिन रावत चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ तीनों सेनाओं के बारे में रक्षा मंत्री के मुख्य सैन्य सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे।

चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ के पद पर रहकर उन्होंने तीनों भारतीय सेनाओं जल, थल और वायु सेना के बीच समन्वय स्थापित किया। चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ पर रहकर जनरल बिपिन रावत का लक्ष्य था की भारतीय सेनाओं को आधुनिक युद्ध के लिए तैयार करना और संस्थागत ढांचा विकसित करना था।

43 साल के करियर में 18 पदक और सम्मानों से नवाजे गए जनरल बिपिन रावत

चार दशक से लंबे सैन्य जीवन में जनरल रावत को सेना में बहादुरी और योगदान के लिए कई बार सम्मानित किया गया था। उन्हें दिए गए सम्मानों में परम विशिष्ट सेवा मेडल (Param Vishisht Seva Medal (PVSM)), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (Uttam Yudh Seva Medal), अति विशिष्ट सेवा मेडल (Ati Vishisht Seva Medal ), युद्ध सेवा मेडल (Yudh Seva Medal), सेना मेडल (Sena Medal) और विशिष्ट सेवा मेडल (Vishisht Seva Medal) के अलावा और कई प्रशस्तियाँ शामिल थीं।

जनरल बिपिन रावत 61 साल के थे और 2019 में उन्हें देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया गया था। वे 65 साल की उम्र तक इस पद पर रहने वाले थे।

8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु में कुन्नूर के जंगलों में सेना का MI-17 हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ। पहाड़ी और जंगली इलाके में हुए इस हादसे में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और पत्नी मधुलिका समेत 13 लोगों का निधन हो गया। जनरल बिपिन रावत का जीवन हम सबके लिए प्रेरणास्रोत रहेगा और सेना के लिए उनका योगदान हमेशा सराहनीय रहेगा।

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