भारतीय वायुसेना में महिला फाइटर पायलट अब स्थायी तौर पर शामिल हो पाएंगी। सरकार ने महिला लड़ाकू पायलटों को शामिल करने की प्रायोगिक तौर पर शुरू की गई इस योजना को स्थायी बनाने का फैसला लिया है। रक्षा मंत्री ने ट्विटर पर इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि, ‘भारतीय वायु सेना में महिला फाइटर पायलटों को शामिल करने की प्रायोगिक योजना को स्थायी योजना में बदलने का फैसला किया गया है।’

नौसेना में भी 15 अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों पर 28 महिला अधिकारियों को तैनात किया गया

सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में महिलाओं के प्रवेश का मार्ग प्रशस्त करने के महीनों बाद यह फैसला आया है। 2018 में, भारतीय वायु सेना की फ्लाइंग आफिसर अवनी चतुर्वेदी ने लड़ाकू विमान उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला बनकर नया कीर्तिमान स्थापित किया था, उन्होंने अपनी पहली सिंगल उड़ान में मिग-21 बाइसन उड़ाया था। सरकार द्वारा प्रायोगिक आधार पर महिलाओं को फाइटर पायलट के तौर शामिल करने के फैसले के बाद चतुर्वेदी को दो अन्य साथियों के साथ फ्लाइंग अधिकारी के तौर पर कमीशन मिला था।

नौसेना ने भी विमानवाहक पोत आइएनएस विक्रमादित्य सहित लगभग 15 अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों पर 28 महिला अधिकारियों को तैनात किया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में सेना ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए महिलाओं को सैन्य पुलिस में भी शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की है।

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