देश में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिको ने दावा करते हुए कहा कि देश में तीसरी लहर के दौरान रोजाना 4 से 8 लाख तक नए केस आ सकते हैं। गणितीय मॉडल (Mathematical model) के आधार पर आईआईटी के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने दावा किया है कि तीसरी लहर के दौरान मुंबई में रोज 30 से 60,000 और दिल्ली में पीक के दौरान 35 से 70,000 तक केस रोजाना आएंगे।

इससे पहले प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने ट्विटर पर ट्वीट कर कहा था कि तीसरी लहर में पीक के दौरान देश में रोजाना 2 लाख तक केस आएंगे। इस पर उन्होंने कहा था कि पहले दक्षिण अफ्रीका में आ रहे केस के आधार पर भारत में वायरस के फैलने की रफ्तार का आंकलन किया, पर अब देश में वायरस फैलने की शुरुआत हुई तो मॉडल में आंकड़े बदल गए हैं।

वहीं आईआईटी कानपुर के सहायक प्रोफेसर राजेश रंजन ने बताया कि महामारी के चरम पर होने पर देश में हर दिन 4 लाख या उससे कहीं अधिक नए केस आने की संभावना है। पहली दो लहरों के उलट इस बार पूर्वोत्तर समेत पूरा देश एक साथ लहर की चरम पर होगा। राजेश रंजन ने कहा कि इस महीने के तीसरे हफ्ते में पीक आएगा तो फरवरी के पहले हफ्ते में एक्टिव केस सबसे ज्यादा होंगे और उस समय मौतों की दर भी बढ़ने का खतरा है।

देश में सात महीने बाद मिले 1 लाख से अधिक केस

देश में कोरोना महामारी एक बार फिर बेकाबू होती दिखाई दे रही है। देश में करीब 7 महीने बाद बीते 24 घंटे में 1,17,100 नए मरीज मिले हैं। वहीं, 302 मरीजों की कोरोना के कारण मौत हुई। साथ ही ओमीक्रॉन वायरस के चलते एक और मौत की पुष्टि हुई है। कोरोना का नया वैरिएंट अब देश के 27 राज्यों में पहुंच गया है। बीते 24 घंटे में ओमीक्रॉन वेरिएंट के 377 मरीज मिले है। इस बीच, सरकार ने विदेश से आने वालों के लिए सख्त गाइडलाइन जारी कर दी है।

कोरोना के मामले में बढ़ोतरी बीते एक हफ्ते की तुलना में पांच गुना अधिक है। वहीं, एक दिन में 28 फीसदी की वृद्धि हुई है। इससे पहले बीते साल 7 जून को कोरोना के 1,00,636 नए मरीज मिले थे। इससे भी बड़ी चिंता की बात है कि स्वस्थ होने वाले मरीज की दर घट कर 97.57 हो गई है। इससे पहले यह दर 98 फीसदी से अधिक थी। वायरस की चपेट में आकर जान गंवाने वाले मरीजों की दर 1.37 फीसदी है। दैनिक संक्रमण की दर बढ़कर 7.74% और साप्ताहिक दर 4.54% हो गई है। वहीं, 120 दिन बाद एक्टिव मरीजों का आंकड़ा भी बढ़कर 4 लाख के करीब हो गया है।

विदेश से आने वालों के लिए सात दिन का होम क्वारंटाइन जरूरी

केंद्र सरकार ने सभी इंटरनेशनल यात्रियों के लिए सात दिन के होम क्वारंटाइन को अनिवार्य कर दिया है। इन्हे आठवें दिन आरटीपीसीआर जांच करवानी होगी। नए दिशा-निर्देश 11 जनवरी से अगले आदेश तक लागू रहेंगे। अब तक सिर्फ खतरे की सूचि वाले देशों से आने वालों को भारत पहुंचते ही कोविड जांच करवानी होती थी।

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