देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच विशेषज्ञों ने तीसरी लहर को लेकर बड़ा दावा किया है। विशेषज्ञों के मुताबिक तीसरी लहर इसी महीने यानी अगस्त में ही शुरू हो सकती है, जबकि अक्टूबर में यह चरम पर पहुंचेगी। इस वक्त देश में हर दिन 40 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं। वहीं 550 से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है, जबकि रविवार को 39 हजार लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।

आईआईटी हैदराबाद और कानपुर के मथुकुमाली विद्यासागर और मनींद्र अग्रवाल के नेतृत्व में शोधकर्ताओं का हवाला देते हुए ब्लूमबर्ग ने यह दावा किया है। इसमें कहा गया है कि कोरोना के मामलों में हो रही वृद्धि महामारी की तीसरी लहर को आगे बढ़ाएगी। शोधकर्ताओं ने बताया है कि तीसरी लहर के दौरान हर रोज संक्रमण के एक लाख मामले देखने को मिल सकते हैं। साथ ही ख़राब स्तिथि में कोरोना के मामले डेढ़ लाख तक भी पहुंच सकते हैं। दूसरी लहर में लाचार स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर डराने वाली थी अगर तीसरी लहर ने भी ऐसी तबाही मचाई तो देश के लिए मुश्किल हो सकती है।  

केरल और महाराष्ट्र की वजह से स्थिति ख़राब 

विशेषज्ञों का मानना है कि केरल और महाराष्ट्र में जिस तरह कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं इससे स्थिति खराब हो सकती है। हालांकि कोरोना की तीसरी लहर दूसरी लहर जितनी खतरनाक नहीं होगी, लेकिन लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने होगी। तीसरी लहर में कोरोना के केस कितने बढ़ेंगे यह महाराष्ट्र और केरल या फिर ज्यादा केसों वाले राज्यों की स्थिति पर निर्भर है।

पिछले एक हफ्ते में संक्रमण के डरावने आंकड़े आये 

देश में बीते सप्ताह 2.86 लाख नए केस सामने आए जो उसके पिछले सप्ताह आए 2.66 लाख नए केस से 7.5 फीसदी ज्यादा है। केरल में पिछले सप्ताह 1.4 लाख नए केस आए जो उसके पिछले सप्ताह के 1.1 लाख नए केस के मुकाबले 26.5 फीसदी ज्यादा है। पिछले सप्ताह देश में कुल नए कोरोना केस में अकेले केरल की भागीदारी 49 फीसदी रही। वहां प्रतिदिन औसतन 20,000 केस मिले।

पिछले एक दिन में पांच राज्यों से 80.36 फीसदी नए कोरोना केस सामने आए हैं जिसमें अकेले केरल से 49.3 फीसदी केस हैं। वहीं मौत को लेकर बात करें तो सर्वाधिक महाराष्ट्र में 225 मरीजों ने बीते शनिवार को दम तोड़ दिया। केरल में 80 मरीजों की जान गई। फिलहाल जिन 10 राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं उनमें केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, ओडिशा, असम, मिजोरम, मेघालय, आंध्र प्रदेश और मणिपुर शामिल हैं।

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