गोवा का ज़ागोर महोत्सव असंख्य भाषाई परंपराओं को नियोजित करने वाले विभिन्न धर्मों की प्रार्थनाओं, गीतों, नाटकों और नृत्यों का एक अद्भुत समावेश है। ज़ागोर महोत्सव में वास्तव में एक धर्मनिरपेक्ष आभा है। पुर्तगाली कब्जे की यादें ताज़ा करता हुआ यह वार्षिक महोत्सव पूरे गोवा के कई गांवों में मनाया जाता है, जैसे अंजुना, नागेशी और सिओलिम में। तो,आइए इस जटिल लेकिन मनोरंजक नाटक के बारे में अधिक जानें जो आमतौर पर घुमोट की थाप पर किया जाता है और यह गोवा की परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

एक नाट्य उत्सव के बाद स्वादिष्ट भोजन

‘ज़ागोर’ शब्द का अर्थ भगवान को प्रसन्न करने के लिए रात्रि जागरण रखना है, जिन्हें गांवों के रक्षक के रूप में भी जाना जाता है और भारत के अन्य हिस्सों के लोग जागरण महोत्सव के रूप में इस प्रथा से परिचित हैं। हालाँकि, गोवा के ज़ागोर महोत्सव और जागरण महोत्सव के बीच का अंतर यह है कि इस महोत्सव को किसान समुदाय द्वारा अपनी फसल को बाढ़ और नष्ट होने से बचाने के लिए मनाया जाता है।

ज़ागोर गाँव में एक पवित्र स्थान मंड में की जाने वाली प्रार्थनाओं से शुरू होता है जहाँ लोक देवता से अपना आशीर्वाद देने का आग्रह किया जाता है। इसके बाद, एक मशाल जलाकर सुरी नामक जुलूस, मंच की ओर बढ़ता है जहां थिएटर की गतिविधियां शुरू होने से पहले कलाकारों द्वारा भक्ति गीत गाए जाते हैं। सभी प्रदर्शनों की परिणति के बाद, प्रतिभागियों और दर्शकों को विशेष रूप से तैयार किया गया खाना परोसा जाता है जिसमें सन्ना-स्पोंजी, स्वादिष्ट चावल केक शामिल हैं।

ज़ागोर महोत्सव का महत्व

जानकारों के अनुसार, ज़ागोर और इसी तरह के लोक नाटक पारंपरिक गोवा समाज के आध्यात्मिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण थे और मनोरंजन का एक साधन भी थे। आज भी, यह एक बहुत ही आवश्यक सामाजिक महोत्सव के रूप में कार्य करता है, क्योंकि ज़ागोर का प्रदर्शन निवासियों और पर्यटकों को समान रूप से आकर्षित करता है।

नॉक नॉक

ज़ागोर को गोवा में आधुनिक रंगमंच का पूर्ववर्ती माना जाता है, यह प्रार्थना और हँसी उल्लास के साथ-साथ रोज़मर्रा के उपाख्यानों और पौराणिक कथाओं, दिव्य और सांसारिक का एक आदर्श मिश्रण है। यदि आप भी गोवा की प्राचीन संस्कृति और स्थानीय पहलुओं के महत्त्व को समझना चाहते हैं तो जब भी आपको तटीय राज्य की यात्रा करने का मौका मिलता है तो सुनिश्चित करें कि आप गोवा के इस सांस्कृतिक पहलू का प्रामाणिक रूप से अनुभव करें।

ज़ागोर महोत्सव का समय– यह सिओलिम के नोसा सेन्होरा डी गुआ के पर्व के बाद या क्रिसमस के बाद पहले सोमवार को आयोजित किया जाता है।

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