गोवा में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए राज्य प्रशासन ने पुलिस विभाग को एक नए ‘पिंक फ़ोर्स’ के साथ अपग्रेड करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान में महिलाओं द्वारा महिलाओं की सुरक्षा करने के लिए महिला संचालित विंग का विचार पेश किया। इसके अतिरिक्त, गोवा पुलिस को निकट भविष्य में अपराध की रोकथाम के विभिन्न पहलुओं से अवगत करवाने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए नई पहल करेगा गोवा

रिपोर्ट के अनुसार, सीएम सावंत ने 10 नवंबर को पंजिम में पुलिस उपाधीक्षक के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया, जहां उन्होंने औपचारिक रूप से महिला बल की स्थापना के सरकार के इरादे की घोषणा की। “मैंने अपराध की रोकथाम पर पुलिस महानिदेशक और पुलिस अधीक्षक (अपराध) के साथ एक बैठक की और विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा के लिए नई पहल को अपनाने के लिए पूर्व सावधानियों पर चर्चा की। हमें ऐसी पहल की आवश्यकता है।

उन्होंने आगे विस्तार से बताया कि “गृह विभाग इस पर काम करेगा। जागरूकता के उद्देश्य, वाहन के उद्देश्य के लिए आपको जो भी सहायता की आवश्यकता होगी, हम प्रदान करेंगे। हम एक पिंक फाॅर्स, विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाने की सोच रहे हैं। हम हैं यह सोच रहे हैं कि इसे कैसे पेश किया जाए।”

गोवा में अपराध दर को कम करने के लक्षित प्रयास

गोवा के अलावा, केरल और दिल्ली जैसे राज्यों ने अपने खुले पुलिस विभाग के निर्माणों में पहले से ही पिंक फाॅर्स की स्थापना की है। महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और अपराध की रोकथाम पर जोर देने के लिए यूपी जैसे राज्यों ने गुलाबी बूथों और अन्य सुविधाओं के साथ एक्सिलरी पिंक पैट्रॉल यूनिट्स बनाई हैं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि गोवा में अपराध का पता लगाने की दर देश में सबसे अधिक है। लेकिन हमें अपराध की रोकथाम पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। निस्संदेह, आप अपराध का पता लगा रहे हैं। लेकिन आप कहेंगे, हम अपराध को कैसे रोक सकते हैं,यह संभव है।” मुख्यमंत्री ने कहा।

उन्होंने आग्रह किया है कि महिला कल्याण के लिए गृह विभाग के सुझाव की मांग करते हुए राज्य पुलिस इसे कम करने के लिए निर्णायक तरीकों के साथ आए। “गृह विभाग जल्द से जल्द महिला सुरक्षा के लिए कई पहल करेगा,” सीएम ने निष्कर्ष निकाला।

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