Situated hardly 23 km from the capital of Goa, the estuarine island of St. Estevam is most famous for its splendid scenery. Apart from the breathtaking environs of this village island, tourists here enjoy visiting the St. Estevam Church and the ruins of St Estevam Fort. While visiting these places in person is a far-fetched dream in the current times, here's a virtual tour to satisfy your wanderlust!

इतिहास प्रमियों को लिए यह जगह है बेहद खास


मंडोवी नदी से घिरे, सेंट एस्तेवाम द्वीप को 'Xhakecho Zunvo' (ज़ाकेचो ज़ुन्वो यानी सब्जियों का द्वीप) और 'Ilha de Verde' (इल्हा डे वर्डे यानी ग्रीन आइलैंड) जैसे कई अन्य नामों से भी जाना जाता है। द्वीप की यह विशेषता उन लोगों को आकर्षित करती है जो पुरानी कृषि तकनीकों के बारे में जानने में रुचि रखते हैं।

सेंट एस्तेवाम द्वीप पर कई किलों के खंडहर भी मौजूद हैं, जिस कारण यह जगह इतिहास प्रमियों के लिए भी बेहद खास है। यह किला कभी छत्रपति शिवाजी महाराज का गढ़ था, उन्होनें उन्नीसवीं शताब्दी में अपने क्षेत्र को विदेशी आक्रमणों से बचाने के लिए इसका इस्तेमाल किया था।

इस द्वीप पर एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल सेंट एस्तेवाम चर्च भी है, जिसे सेंट स्टीवंस चर्च भी कहा जाता है। इस चर्च को दो बार जलाने के बावजूद इसे तीसरी बार फिर से खड़ा किया गया, यह चर्च परिसर गोवा में स्थित सबसे बड़े चर्च परिसरों में से एक के रूप में प्रसिद्ध है। कई सीढ़ियों के ऊपर स्थित, यह प्राचीन सफेद ऐतिहासिक संरचना, स्थानीय ईसाई समुदाय के किए धार्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है।

नॉक-नॉक

सेंट एस्टेवम एक हल्के हरे रंग की भिंडी की खेती के लिए प्रसिद्ध है, जिसे 'भेंडे' के नाम से जाना जाता है और यही कारण है कि इस द्वीप के निवासियों को 'भेंडेकर' कहा जाता है। इस द्वीप से जुड़ी हुई एक और दिलचस्प बात यह है कि, यहां पर रहने वाले लोग अपने गाव में ही शादी करते हैं, यह एक ऐसी परंपरा है जो कि सदियों से चली आ रही है। बेहद खूबसूरत यह द्वीप अपनी स्वच्छता और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है। हमें उम्मीद है आपको इसका वर्चुअल टूर पसंद आया होगा और इस महामारी के बाद इसकी सुंदरता को खुद अपनी आंखों से देख पाएंगे।