रीस मैगोस फोर्ट (Reis Magos Fort) का कुशल निर्माण और रणनीतिक स्थानन, अगुआड़ा किला (Aguada Fort) की तुलना में बहुत बड़ा और लोकप्रिय है, जिसके कारण पर्यटकों के लिए यह एक बड़ा आकर्षण है। प्रारंभ में 1493 में बीजापुर की सल्तनत द्वारा एक सैन्य चौकी के रूप में बनाया गया, इस किले का निर्माण 1551 में पुर्तगालियों ने देशी शासकों को हराकर किया था। ऐसा माना जाता है कि इस विरासत स्थल का नाम, बाइबल की एक छोटी कहानी, 'थ्री वाइज मेन' (Three Wise Men) के नाम पर आधारित है। यह स्थान उन सभी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है जिनको ऐतिहासिक इमारतों के बारे में जानना और उनकी भव्यता को देखना बेहद पसंद है।

आधुनिक आयोजनों के माध्यम से ऐतिहासिक रुचि को पुनर्जीवित करने का एक प्रयास


राजधानी शहर के निकट स्थित, रीस मैगोस किले की लेटराइट (Laterite) से बनी दीवारें, हिंदू और पुर्तगाली वास्तुकला शैलियों का प्रदर्शन करती हैं। एक मंत्रमुग्ध दृश्य के अलावा, इस संरक्षित किले में फ्रीडम फाइटर गैलरी, आर्ट गैलरी, हिस्ट्री एंड रिस्टोरेशन हॉल और गनलूप्स भी आपको देखने को मिलेगा, जिससे यह जगह इतिहास और कला प्रेमियों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाती है।

यह जगह इस बात का सबूत है कि एक ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान, कई समुदायों को एक साथ ला सकता है। इस किले के कुछ अंदरूनी हिस्सों का उपयोग अक्सर बुक लॉन्च और शादियों से लेकर फिल्म और फोटोशूट जैसे आयोजनों को आयोजित करने के लिए किया जाता है।

यहां कैसे पहुंचा जाए ?

पंजिम से मुश्किल से 8 किमी की दूरी पर स्थित, राजधानी शहर और किले के बीच लगभग 20 मिनट की यात्रा आसानी से सड़क के माध्यम से कवर की जा सकती है। यहां से गोवा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लगभग 35 किमी दूर है, आप आसानी से कैब भी किराए पर ले सकते हैं, और रीस मैगोस किले की यात्रा पर निकल सकते हैं। इसके अलावा, आप यहां आप पास में फॉनटेनहस और चोरला घाटों जैसे स्थानों पर भी घूमने के लिए जा सकते हैं।

नॉक नॉक (Knock Knock)

रीस मगोस किले के मनोरम दृश्यों की शोभा बढ़ाने के लिए यहां 33 से अधिक पुराने और असली शस्त्रागार भी हैं, साथ ही प्राचीर के भीतर एक चर्च भी स्थित है। यहां जाकर इस किले की खूबसूरती को अपनी आखों और कैमरे दोनो में ही कैद करना न भूलें। महामारी की स्थिति में सुधार आने के बाद यहां जाने की योजना बनाएं अपने साथ थोड़ा समय भी लेकर जाएं जिससे आप इस किले से जुड़ी हर चीज़ की खूबसूरती को सुकून से देख पाएं।

संग्राहलय का समय - सुबह 11 बजे से शाम 5:30 बजे तक

दिन - सोमवार से अलावा यह रोज़ खुलता है।

पता - वर्म, बर्देज़, गोवा