यह माना जाता है कि सर्वव्यापी भगवान शिव निर्माता, प्रकट करने वाले, नष्ट करने वाले और सब कुछ ठीक करने वाले हैं। भारत की रहस्यमय भूमि पर कई प्राचीन शिव मंदिर हैं जो कई राज्यों और क्षेत्रों तक फैले हुए हैं। इनमें से कई मंदिरों को मुगलों और अंग्रेजों द्वारा नष्ट कर दिया गया और केवल कुछ ही युद्ध के दौरान और समय के साथ बच गए। ऐसा ही एक उदाहरण है 'ताम्बड़ी सुरला' मंदिर।

'भगवान महावीर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी' के पास स्थित 'ताम्बड़ी सुराला' महादेव मंदिर में स्थापित है और भगवान् शिव को समर्पित यह मंदिर पंजिम से 65 किलोमीटर दूर स्थित है। गोवा के सबसे पुराने मंदिर के रूप में प्रख्यात इस संरचना की छत बेसाल्ट पत्थर पर नक्काशीदार कमलों से शोभायमान है। बारीक वास्तुकला से सम्पूर्ण यह मंदिर 12वीं शताब्दी में बनाया गया था और महाशिवरात्रि के समारोह के समय में यह विशेष रूप से जीवंत प्रतीत होता है। एक समय पर गोवा के शासक कदम्ब वंश के एक अनुस्मारक के रूप में स्थापित यह मंदिर आपकी यात्रा का हिस्सा होना ही चाहिए यदि आपको प्राचीन स्मारकों से विशेष प्रेम है।

अनमोद घाट के तल पर स्थित है



जैन शैली में बना यह मंदिर अनमोद घाट के चरण में स्थित है, और इसकी स्थापत्य योजना में अनुष्ठान करने के लिए आतंरिक एकांत कक्ष (गर्भगृह) अंतराल (मध्यवर्ती) और एक स्तंभित हॉल (सभा मंडप) शामिल हैं। इस छोटी सी काले बेसाल्ट संरचना में नंदी की एक सिर रहित प्रतिमा है, जो कि सभा मंडप में स्थित है। मंदिर की मूर्तिशिल्प कला हजारों यात्रियों और खोजकर्ताओं को आकर्षित करती हैं। यह स्थान सामन्य मंदिरों से थोड़ा हटकर है जिस वजह से यह साहसिक एवं रोमांच प्रेमियों के लिए एक दिन की शानदार यात्रा का अनुभव देगा। इतिहास की एक पुरानी किताब के खोए हुए पन्ने की तरह, ताम्बाड़ी सुरला थोड़ा विचित्र है लेकिन एक बेहद खूबसूरत स्थान है।

इसके अलावा मंदिरों के किनारे के पैनल पर पवित्र हिंदू त्रिमूर्ति ब्रह्मा विष्णु और महेश अपनी अर्धांगनियो के साथ सुशोभित हैं। जटिल वास्तुकला पैटर्न, जैसे कि मंडप की छत पर कमल और इसी तरह के अन्य उत्कीर्णन (Wood carving) , इस संरचना की कालनिरपेक्ष (Timeless) सुंदरता को और अधिक बढ़ाते हैं।

नॉक नॉक (Knock Knock)



यह हिंदू तीर्थ स्थल गोवा के ताज में एक और रत्न के समान है और यह इस राज्य को एक ऐसी जगह के रूप में पेश करता है, जहां कई संस्कृतियों, भाषाओं और धर्मों को समागम रहा है। आपको अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार इस स्थान की यात्रा अवश्य करनी चाहिए, क्योंकि यह संरचना जितनी पुरानी है, उतनी ही दुर्लभ भी है। इसके अलावा, यदि आप अपनी यात्रा में और जीवंत रंगों को जोड़ना चाहते हैं, तो आप महाशिवरात्रि समारोह की धूमधाम में अवश्य शामिल हों।

समय - सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक

स्थान - भगवान महावीर वन्यजीव अभयारण्य के पास, सुंगम, सुरला, गोवा, महादेव मंदिर ताम्बड़ी सुरला

ताजा ख़बरों के साथ सबसे सस्ती डील और अच्छा डिस्काउंट पाने के लिए प्लेस्टोर और एप स्टोर से आज ही डाउनलोड करें Knocksense का मोबाइल एप और KnockOFF की मेंबरशिप जल्द से जल्द लें, ताकि आप सभी आकर्षक ऑफर्स का तत्काल लाभ उठा सकें।

Android - https://play.google.com/store/apps/details?id=com.knocksense

IOS - https://apps.apple.com/in/app/knocksense/id1539262930