गोवा में खाली स्थानों को उपयोग में लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी सम्बन्ध में, राज्य सरकार ने नॉन प्रॉफिट संगठनों को उन स्कूल भवनों को किराए पर देने का निर्णय लिया है जो की इस्तेमाल नहीं की गयी हैं। कथित तौर पर, इन परिसरों का उपयोग करने के लिए इन सामाजिक समूहों और कल्याण संगठनों से एक छोटा सा शुल्क लिया जाएगा। मुख्यमंत्री द्वारा राज्य मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद ऐसी इमारतों के पुन: उपयोग के निर्णय की घोषणा की गई।

आंगनबाड़ियों वाले स्कूलों को महिला एवं बाल कल्याण निदेशालय को दिया जाएगा

नवीनतम विकास के बारे में बोलते हुए, सीएम ने पुष्टि की कि गोवा में सरकारी स्कूलों की अप्रयुक्त भूमि और भवन गैर-लाभकारी और अन्य सामाजिक समूहों को दिए जाएंगे। इसके तहत आंगनबाड़ियों वाले स्कूल भवनों को महिला एवं बाल कल्याण निदेशालय को दिया जाएगा। कथित तौर पर, यह कहा गया था कि इससे आंगनवाड़ियों के बेहतर कामकाज में मदद मिलेगी।

रिपोर्ट के अनुसार, सीएम ने कहा कि राज्य में 50 से 60 ऐसे परिसर हैं, जिन्हें विभिन्न उद्देश्यों के लिए सौंपा जा सकता है। यहां, सतत विकास के आदर्शों को बढ़ाने के लिए  दुर्लभ संसाधनों के बेहतर उपयोग की आवश्यकता को स्वीकार करना महत्वपूर्ण है। इस प्रकार, गोवा प्रशासन की पहल से राज्य में प्रगति को बढ़ावा देने के लिए मदद मिलेगी

रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के एक निर्वाचन क्षेत्र में सप्लाई के मुद्दों को हल करने के लिए एक चीनी कारखाने को एक जलाशय में बदलने की योजना है। इसके अलावा, यह उम्मीद की जाती है कि भविष्य में इसी तरह के और उपायों की घोषणा की जाएगी।

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