गोवा कैबिनेट द्वारा बुधवार को कानूनी शिक्षा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई है, मुख्यमंत्री ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी। बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा वित्त पोषित (फंडेड), यह परियोजना गोवा को कानूनी अध्ययन के केंद्र के रूप में वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाएगी। यह अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय दुनिया भर के प्रतिष्ठित कानूनी संस्थानों की सूची में अपनी जगह बनाने के लिए तैयार है। रिपोर्ट के अनुसार, इस विश्वविद्यालय में कुल 20 प्रतिशत सीटें गोवा के स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित होंगी, जिससे यहां के लोगों को शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे।

गोवा में विधि विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए बीसीआई को मुफ्त भूमि प्रदान की जाएगी

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा संचालित किया जाएगा और राज्य केवल संस्थान की स्थापना के लिए परिषद की भूमि मुफ्त में प्रदान करेगा। एक स्थान को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है, जिसके लिए जगह की पहचान की जाएगी। उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि, “सभी खर्च बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा वहन किए जा रहा है, न कि हमारे द्वारा।”

 एक बार स्थापित हो जाने के बाद, विश्वविद्यालय अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र भी संचालित करेगा। यह संस्थान सिंगापुर में इसी तरह के मौजूदा संगठन के तर्ज पर बनाया जाएगा। “उसी तरह, इससे संबंधित अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र भी गोवा में होगा। अभी भारत में कोई अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र नहीं है, सिंगापुर में केवल एक है। यहां स्थापित किया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र, विश्वविद्यालय के तत्वावधान (देखरेख) में कार्य करेगा”, सीएम ने आगे कहा।

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