पिछले कुछ समय में संक्रमण में लगातार वृद्धि के बाद, गोवा में अब कोविड मामलों की संख्या में कमी देखी जा रही है और सक्रिय रोगियों की संख्या हर दिन कम हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, गोवा में सोमवार को पॉजिटिविटी रेट 20 फीसदी दर्ज किया गया, जो एक महीने पहले दर्ज किए गए आंकड़े से काफी कम है। कथित तौर पर, गोवा में 30 अप्रैल को 50% पॉजिटिविटी रेट देखा गया था, जिसके कारण पिछले एक महीने में बीमारी का अनियंत्रित प्रसार हुआ और बड़ी संख्या में लोग की मौत हो गई।

राज्य में तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारियां जारी हैं

केसलोएड में कमी आने के बावजूद, गोवा सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रयास कर रही है कि संक्रमण की दर में फिर से बढ़ोत्तरी न हो। जहां राज्य 7 जून तक कर्फ्यू  के चलते बंद है, अधिकारी टीकाकरण अभियान की व्यापक्ता और गति को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, प्रशासन भी तीसरी लहर की आशंका से चिंतित है, जिसके चलते संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए कई कार्यक्रमों पर काम किया जा रहा है।

राहत की बात यह है कि गोवा में पिछले एक हफ्ते से म्यूकोर्मिकोसिस (Mucormycosis) या ब्लैक फंगस संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूरे गोवा में इस जानलेवा बीमारी के 12 मामले दर्ज किए गए हैं। इसे देखते हुए राज्य सरकार भी इस संक्रमण को बढ़ने से रोकने के उपाय कर रही है.

टीकाकरण इस संक्रमण से लड़ने का प्रभावी तरीका है

 गोवा में टीकाकरण कार्यक्रम में भी तेज़ी लाई जा रही है, हालांकी टीकाकरण नागरिकों को संक्रमण से पूरी तरह से नहीं बचा सकता है, लेकिन यह निश्चित रूप से बीमारी की गंभीरता को कम करने में मदद करेगा। इस प्रकार, वायरस के प्रभाव से खुद को बचाने के लिए टीकाकरण एक आवश्यक और अत्यधिक लाभकारी कदम है।

गोवा में मंगलवार को 903 नए संक्रमण के मामले और 1,777 लोगों के ठीक होने की सूचना मिली। जबकि 1,56,569 व्यक्ति वायरस से प्रभावित हुए हैं, राज्य में वर्तमान में 11,867 सक्रिय मामले हैं।

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