बीते शुक्रवार को गोवा के मुख्यमंत्री ने आयुष-64 आयुर्वेदिक दवा के मुफ्त वितरण का उदघाटन किया। यह दवा आयुष मंत्रालय के तहत विकसित की गयी है और 6 वैज्ञानिक अध्ययनों के समर्थन से बनायी गयी है। आयुष-64 दवा एक आयुर्वेदिक फार्मूलेशन है जो कोरोना वायरस से लड़ने में मदद करने के लिए सिद्ध हुआ है। गोवा में यह दवा अभी प्रारंभिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लक्षणरहित (asymptomatic) रोगियों और हल्के और मध्यम संक्रमण वाले लोगों के लिए मुफ्त में उपलब्ध कराई जा रही है।

राज्य के सभी प्रारंभिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध 

आयुष-64 को हाल ही में केंद्रीय आयुष मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया था, जो लगातार कोरोना संक्रमित रोगियों के लिए प्रभावी दवाएं उपलब्ध कराने पर काम कर रहा है। शुक्रवार को केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और गोवा के मुख्यमंत्री ने राज्य में लक्षणरहित (asymptomatic), हल्के और मध्यम कोरोना रोगियों के लिए इस आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन के मुफ्त वितरण का उद्घाटन किया।

राज्य के नागरिकों को इस दवा का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करते हुए यह भी बताया गया है की आयुष-64 को होम आइसोलेशन की कीट में भी बांटा जाएगा। इसके अलावा यह दवा सभी प्रारंभिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है और संक्रमित का कोई भी परिजन दवा ले सकता है। दवा केवल तभी दी जाएगी जब परिजन एक सकारात्मक आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट दिखा सके जो 7 दिनों से अधिक पुरानी न हो और आधार संख्या प्रस्तुत कर सकें।

आयुष-64 क्या है ?

AYUSH-64 एक आयुर्वेदिक दवा (poly herbal formulation) है, मलेरिया के इलाज के लिए केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) द्वारा विकसित किया गया था। बाद में, इस दवा को कोरोना वायरस से लड़ने के लिए फिर से तैयार किया गया क्योंकि इस दवा की सामग्री में एंटी-वायरल, इम्यून-मॉड्यूलेटर और एंटीपीयरेटिक गुण दिखाई दिए। टेस्टों से पता चला है कि यह दवा इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियों का भी इलाज कर सकती है।

आयुष-64 को पूरे भारत में किए गए छह क्लीनिकल अध्ययनों के वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर एसिम्पटोमेटिक हल्के और मध्यम संक्रमण वाले मामलों के इलाज में सहायक बताया जा रहा है। आयुष-64 पर किए गए एक इन अध्ययन में यह देखा गया कि इसके 36 फाइटो-कोंस्टीटूएंट्स में से लगभग 35 में कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ने की क्षमता हैं।

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