वर्तमान महामारी ने शिक्षा के क्षेत्र को भी प्रभावित किया है, और इसके चलते तकनीकी संसाधनों ने शिक्षा प्राप्त करने वाले पारंपरिक माध्यमों की जगह ले ली है। हालांकि इससे दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। पर्याप्त कनेक्टिविटी की कमी के कारण गोवा के इलाकों में रहने वाले छात्रों की ऑनलाइन स्कूली शिक्षा और कॉलेज की कक्षाओं में बाधा आ रही है। छात्रों की शिकायतों के बाद, बुधवार को गोवा के मुख्यमंत्री ने दूरसंचार कंपनियों को प्रोत्साहित करने के लिए गोवा टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर पॉलिसी 2020 में बदलाव किए, जिससे कंपनिया राज्य के दूरदराज के इलाकों में टावर और संबंधित बुनियादी ढांचे की स्थापना कर सकें।  

5 साल के लिए मासिक किराए का केवल 10 प्रतिशत भुगतान करना होगा  

सरकारी संपत्ति पर मोबाइल टावर स्थापित करने के लिए आवेदनों पर जल्द से जल्द कार्रवाई के लिए सरकार द्वारा गोवा टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर पॉलिसी 2020 जारी की गई थी। हालांकि, अभी तक ऐसे 144 आवेदन लंबित हैं। इसके अलावा, अधिक किराये के कारण, कंपनियां ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा स्थापित करने में हिचकिचाती हैं।

राज्य मंत्रिमंडल ने हाल ही में गोवा टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर पॉलिसी 2020 में नए संशोधनों को मंजूरी दी है। नवीनतम परिवर्धन के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में टावर स्थापित करने वाली दूरसंचार कंपनियों को पहले 5 वर्षों के मासिक किराए का 10 प्रतिशत और उसके बाद किराये का 25 प्रतिशत भुगतान करना होगा।

 नीति में इस बदलाव से कंपनियों को प्रोत्साहन मिलेगा, क्योंकि वर्तमान में मोबाइल कंपनियों को सरकारी संपत्ति पर एक टेलीफोन टॉवर स्थापित करने के लिए प्रति माह ₹ 50,000 का भुगतान करना पड़ता है। यह भी उम्मीद की जाती है कि इस बदलाव से छात्रों को राहत मिलेगी क्योंकि उन्हें खराब कनेक्टिविटी के कारण पढ़ाई करने और अच्छी कनेक्टिविटी वाला स्थान खोजने के लिए कई मील चलना पड़ता है, इससे उनकी पढ़ाई में बाधा उत्पन्न है। 

– आईएएनएस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार 

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