गोवा में पहली बार, मडगांव नगर परिषद (एमएमसी) ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) की समस्या का मुकाबला करने के लिए एक जैव-मिथेनेशन प्लांट (bio-methanation plant) शुरू किया गया है। यह राज्य में अपनी तरह का पहला प्लांट है जिसमें प्रतिदिन 5 टन कचरे को ट्रीट करने की क्षमता है। एमएमसी के अधिकारियों के अनुसार, इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के आधार पर, दक्षिण गोवा योजना और विकास प्राधिकरण बाजार में भी अतिरिक्त प्लांट स्थापित किए जाएंगे।

योजना में सोनसोडो में 2 मेगा जैव-मिथेनेशन प्लांट स्थापित करना शामिल है

हर दिन लगभग 450 यूनिट बिजली पैदा करेगा प्लांट

इसके अलावा, यदि एमएमसी विद्युतीकरण का समर्थन करता है, तो संयंत्र द्वारा उत्पादित बिजली का उपयोग एसजीपीडीए परिसर में स्ट्रीट लाइट को रोशन करने के लिए किया जा सकता है। जबकि इस संयंत्र से राजस्व लगभग ₹3 लाख प्रति माह जमा हो सकता है, एमएमसी ऊर्जा बायो-सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड को परिचालन और रखरखाव लागत का भुगतान करने के लिए बाध्य है, जो प्रति माह लगभग ₹1-1.5 लाख होगा।

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