गोवा ने राज्य में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से बचाव के लिए सक्रीय प्रयास शुरू कर दिए हैं। आने वाले महीनों में संभावित कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के लिए किये जा रहे प्रयासों में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में 15 मेंबर की एक स्पेशल टास्क फाॅर्स स्थापित की जा रही है। इस टास्क फाॅर्स में प्राइवेट और सरकारी दोनों डॉक्टर शामिल होंगे और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इसके वाईस चेयरमैन रहेंगे।

गोवा में संभावित तीसरी लहर की चल रही तैयारी


बताया गया है कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने की अधिक आशंका है, और इसी कारण गोवा में मेडिकल ढांचे को मज़बूत करने के लिए सभी ज़रूरी प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बम्बोलिम के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में 60 बिस्तरों वाला पेडियेट्रिक आईसीयू (पीआईसीयू) स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में आईसीयू को अपग्रेड किया जाएगा।

सीएम ने बताया की जीएमसी के बच्चों के डॉक्टरों को भी टास्क फाॅर्स में शामिल किया जाएगा और मेडिकल ढाँचे को भी उसी प्रकार व्यवस्थित किया जाएगा। एक अलग 20-बेड वाला वार्ड भी ब्लैक फंगस के मामलों के इलाज के लिए समर्पित किया गया है, जो कि एक पोस्ट कोविड समस्या के रूप में विकसित हो रहा है।

कोरोना के इलाज की क्षमता को बढ़ाने के लिए जीएमसी डीन के नेतृत्व में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाएगा। गोवा ने दूसरी लहर के दौरान कोरोना का हाई पाजिटिविटी रेट दर्ज किया, और यह समिति मामलों में हुई वृद्धि की समीक्षा करेगी और राज्य को तीसरी लहर की तैयारी के लिए सलाह देगी।

अधिक वैक्सीन के लिए गोवा जारी करेगा ग्लोबल टेंडर


शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य प्रशासन टीकों की घरेलू मांग को पूरा करने के लिए अधिक खुराकों की व्यवस्था के लिए ग्लोबल टेंडर जारी करेगा। उन्होंने बताया कि दूसरे राज्यों के लोग यहां अपने टीकाकरण स्लॉट की बुकिंग कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप मांग में वृद्धि हुई है। खरीदी गयी खुराक 18-44 वर्ष के लोगों के लिए टीकाकरण में तेज़ी आएगी जिससे राज्य का पूरा टीकाकरण अभियान फलीभूत होगा। अभी तक गोवा में 9.3 लाख वैक्सीन की डोज़ लग चुकी हैं।