माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने राजस्थान के सभी स्कूलों को सोमवार, यानी 7 जून से नया शैक्षणिक सत्र (2021-2022) शुरू करने का निर्देश दिया है, इस दिन राज्य भर के शैक्षणिक संस्थानों को शिक्षकों के लिए भी खोला जा रहा है। केवल 50% शिक्षण कर्मचारियों को स्कूलों से काम करने की अनुमति है, जबकि छात्रों की उपस्थिति के संबंध में निर्णय महामारी का खतरा कम होने के बाद ही लिया जाएगा।

शिक्षकों पर कैंपस में आने का दबाव नहीं बनाया जाएगा


राजस्थान सरकार ने आदेश दिया है कि जब तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह से दोबारा नहीं खुल जाता, तब तक कोई भी स्कूल स्टाफ पर स्कूल आने के लिए बाध्य या दबाव नहीं बना सकता है। यह निर्णय उन शिक्षकों के हित में लिया गया है जो अपने स्कूलों तक पहुंचने के लिए एक जिले से दूसरे जिले तक यात्रा करते हैं।

इसके अलावा, राजस्थान सरकार ने पहले व्यापक कोविड ​​​​संक्रमण के कारण कक्षा 9 और 11 के छात्रों को बिना परीक्षा के उत्तीर्ण करने की घोषणा की थी। इसी तरह, छोटी कक्षा के छात्रों को भी क्रमिक कक्षाओं में पदोन्नत किया गया है। हाल ही में, राजस्थान बोर्ड की कक्षा 10 और 12 की परीक्षाओं को भी महामारी के मद्देनजर रद्द कर दिया गया था।

शिक्षा मंत्री ने इन छात्रों को प्रमोट करने के लिए शिक्षा विभाग और राजस्थान बोर्ड को सामूहिक रूप से मूल्यांकन नीति और अंकन मानदंड तैयार करने का काम सौंपा है। कोई भी छात्र जो इस फॉर्मूले द्वारा दिए गए अंकों से अगर असंतुष्ट है, उसे स्थिति के अनुकूल होने पर परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी।

छात्र 'आओ घर में सीखे 2.0' का विकल्प चुन सकते हैं

बीते शुक्रवार को जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि जहां छात्रों को स्कूल जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, वहीं 'आओ घर में सीखे 2.0' पहल घर ​​पर रहते हुए स्कूली छात्रों के लिए वैकल्पिक अध्ययन के तहत सक्रिय रूप से चलेगी। इसके लिए 19 जून तक माता-पिता और अभिभावकों से संपर्क बनाए रखने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा और इसके तुरंत बाद ऑनलाइन कक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चलेंगी।