महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर गोवा 7 जून तक जारी कर्फ्यू के तहत बंद रहेगा। अब, राज्य सरकार कर्फ्यू के विस्तार पर निर्णय लेने से पहले वर्तमान स्थिति का संज्ञान लेगी। इस बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि राज्य प्रशासन 6 जून को शीर्ष अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेगा और उसके बाद मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर प्रतिबंधों को बढ़ाया या छूट दी जा सकती है।

राज्य 9 मई से लॉकडाउन के तहत बंद है


मुख्यमंत्री ने कहा, "हम 6 जून को समीक्षा करेंगे कि इसे कैसे आगे बढ़ाया जाए या (कर्फ्यू) कैसे संशोधित किया जाए।" कर्फ्यू के प्रभावों पर उनके विचारों के बारे में पूछे जाने पर सावंत ने कहा, "यह कहने से ज्यादा कि क्या मैं संतुष्ट हूं, हमें यह देखना होगा कि मृत्यु दर कितनी कम हुई है, सकारात्मकता दर कम हुई है या लोग कितने अनुशासित हो गए हैं।"

9 मई से जब केस की संख्या चरम पर थी, तब से राज्य में लॉकडाउन लगा है। उस समय, प्रतिदिन 3000 से अधिक नए मामले सामने आ रहे थे और हर दिन करीब 100 मौतों के साथ मृत्यु दर में वृद्धि हुई थी। अब, ग्राफ में गिरावट आई है, और गुरुवार को 572 नए संक्रमण दर्ज किए गए। जहां ठीक होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1,695 हो गई है, वहीं उसी दिन 17 व्यक्तियों ने वायरस के चलते अपनी जान गवां दी।

वायरस से लड़ने के लिए कोविड प्रोटोकॉल का पालन आवश्यक है


मुख्यमंत्री ने कहा, ''निर्णय चाहे जो भी हो सीएम ने राज्य के नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे सामाजिक दूरी सुनिश्चित करें और भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर रहें। "अगर कर्फ्यू हटा दिया जाता है, तो कोई भीड़ नहीं होनी चाहिए। अगर तीसरी लहर आती है, स्थिति खुद को दोहरा सकती है। लोगों को अपना ख्याल रखना चाहिए। टीकाकरण के बाद मास्क पहनना चाहिए। मास्क 100 प्रतिशत पहना जाना चाहिए।"

- आईएनएस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार