गोवा कैबिनेट ने बुधवार को दो अलग-अलग कोविड से संबंधित वित्तीय योजनाओं की घोषणा की है। इन योजनाओं में से एक का उद्देश्य महामारी के दौरान गुजरे लोगों के परिजनों को राहत पैकेज प्रदान करना है। दूसरी योजना असंगठित क्षेत्र और पारंपरिक व्यवसायों में शामिल लोगों को राहत पैकेज प्रदान करने के लिए शुरू की गई है। मौद्रिक सहायता के साथ, सरकार का लक्ष्य आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों की मदद करना है।

आजीविका खोने वाले लोगों को मिलेगी आर्थिक सहायता


राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई दो योजनाओं में से एक में उन लोगों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह वित्तीय सहायता प्रदान करना शामिल है, जिन्होंने कोविड-19 के कारण परिवार के किसी सदस्य को खो दिया है। हालाँकि, इस योजना का एक खंड है जिसमें कहा गया है कि उन्ही परिवारों को यह सहायता दी जाएगी, जिनकी आय 8 लाख रुपये से कम होगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि जिन लोगों ने महामारी की वजह से अपनी आजीविका खोई है, ऐसे असंगठित क्षेत्र के लोगों को कोविड-19 राहत पैकेज में एक बार 5,000 रुपये दिए जाएंगे। इससे उन लोगों को लाभ होगा जो पारंपरिक व्यवसायों जैसे नारियल तोड़ना और मिट्टी के बर्तन बनाने में शामिल हैं।

इन योजनाओं से किसे लाभ होगा?

दर्ज किए गए नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, गोवा में कोविड ​​​के कारण 3,082 लोगों की मौत हो गई है। राहत पैकेज उनके परिवार को उस आर्थिक तंगी से उबरने में बहुत मदद करेगा जो उन्होंने अपने परिवार के गुज़रे हुए सदस्य के इलाज के दौरान अनुभव किया था।

दूसरी योजना के संबंध में, रिपोर्ट में गोवा के शीर्ष प्राधिकरण के हवाले से कहा गया है- "नई योजना के अनुसार, रिक्शा ऑपरेटरों, मोटरसाइकिल पायलटों, सिंगल-टैक्सी ड्राइवरों को ₹5,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाएगी। लगभग 25,000 से 30,000 व्यक्तियों को इससे लाभ होगा। पारंपरिक व्यवसायों में शामिल लोग भी इस योजना से लाभान्वित हो सकते हैं।"

-आईएएनएस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार