जबकि कोरोना महामारी के घातक परिणामों को देखते हुए जल्द से जल्द सभी को टीका लगना अनिवार्य है लेकिन गोवा में 45 वर्ष से अधिक के लोग अभी भी कोरोना का टीका लगवाने के लिए अनिच्छुक हैं। इसी स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बुधवार को घोषणा की कि टीकाकरण के दायरे को बढ़ाने के लिए टीका उत्सव 2.0 शुरू किया जाएगा। इस प्रोग्राम में राज्य के अधिकारी राज्य की म्युनिसिपल और ग्रामीण इलाकों में जाएंगे और गोवा की 45+ आबादी में से लगभग 40% को टीका लगवाएंगे जो वैक्सीन शॉट से बच गए हैं।

45+ नागरिकों के लिए टीकाकरण की पहली खुराक को दी जा रही प्राथमिकता



ऐसा बताया गया है की तौकते तूफ़ान के बाद की स्थिति और चल रहे लॉकडाउन की वजह से लोग टीका लगवाने के लिए नहीं आये हैं। टीका उत्सव 2.0 के ज़रिये हम प्रत्येक 45 वर्ष से अधिक नागरिक तक पहुंचेंगे और उन्हें टीका लगवाएंगे। 26 मई से टीका उत्सव ग्राम पंचायतों और नगर पालिकाओं में पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने कहा की हमने पिछली बार 168 स्थानों पर टीका उत्सव शुरू किया था, अब हम और स्थानों को कवर करेंगे।"

टीकाकरण के प्रति लोगों की झिझक को दूर करने के लिए टीका उत्सव को प्रधानमन्त्री द्वारा अप्रैल में चालू किया गया था। अब, गोवा सरकार टीकाकरण में तेजी लाने के लिए इसी तरह के दूसरे कार्यक्रम को अंजाम देने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बात को देखते हुए कि 45 से अधिक उम्र के सभी नागरिकों में से लगभग 40% को अपनी पहली खुराक नहीं मिली है, टीका उत्सव 2.0 का लक्ष्य उनका टीकाकरण करना है। यह कहा गया है कि दूसरी खुराक का टीकाकरण इस कार्यक्रम का हिस्सा नहीं होगा।

सभी निर्वाचित प्रतिनिधि जागरूकता बढ़ाने में भाग लेंगे।



सीएम ने उल्लेख किया कि टीका उत्सव 2.0 के तहत विधायक, ग्राम पंचायत और नगर पार्षदों सहित सभी निर्वाचित प्रतिनिधि जागरूकता फैलाने का कार्य करेंगे। टीकाकरण केंद्रों पर लोगों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से यह पहल हर्ड इम्युनिटी के लक्ष्य की ओर बढ़ने में मदद करेगी।

गोवा मेडिकल कॉलेज के डिपार्टमेंटल प्रमुख जगदीश काकोडकर और राज्य सरकार के कोविड से संबंधित विशेषज्ञ पैनल के सदस्यों ने उल्लेख किया कि राज्य में लोग खुद को टीका लगवाने के इच्छुक नहीं हैं। तूफ़ान के बाद बदलते मौसम की स्थिति और चल रहे कर्फ्यू के चलते कम लोगों के टीका लगवाने के मुख्य कारण माने जा रहे हैं।

यहाँ पर टीकाकरण की आवश्यकता को इस प्रकार देखा जा सकता है की जिन इलाकों में अधिक लोगों को टीका लगा है वहां कोरोना के कम मामले हैं और मृत्यु दर भी कम है।