गोवा ने शनिवार को पूरे क्षेत्र के 21 निजी अस्पतालों में कोरोना रोगियों के प्रवेश को अपने नियंत्रण में ले लिया है। निजी हेल्थकेयर सुविधाओं को राज्य द्वारा संचालित व्यवस्थाओं के विस्तार के रूप में शामिल किया जाएगा और सरकारी स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के भार को कम किया जाएगा। कथित तौर पर, यह निर्णय सोमवार से लागू होगा और साथ ही, तटीय राज्य में कोरोना वायरस रोगियों के लिए बेड की संख्या बढ़ जाएगी।

गोवा सरकार ने महामारी के खतरे के बीच खाली बेड की व्यवस्था की


राज्य प्रशासन द्वारा निजी अस्पतालों के प्रवेश प्रोटोकॉल पर नियंत्रण के बाद, यहां मुफ्त में कोविड-19 उपचार की सुविधा प्रदान की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी खर्च राज्य की डीडीएसएसवाई (दीन दयाल स्वास्थ्य सेवा योजना) योजना द्वारा वहन किए जाएंगे, उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन निजी क्षेत्र के अधीन ही रहेगा।

गोवा मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों जैसी सरकारी उपचार सुविधाओं पर बढ़ते भार के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है, जहां क्षमता से लगभग दोगुना अधिक लोगों का इलाज चल रहा था। दूसरी ओर, निजी अस्पतालों ने कोविड रोगियों के लिए 50% बेड आरक्षित करने के प्रशासन के अनुरोध को नज़रअंदाज़ कर दिया है। ऐसा भी देखा गया है कि निजी संस्थान डीडीएसएसवाई योजना (DDSSY scheme) के तहत उपचार लागत को विनियमित नहीं कर रहे थे और यहां भर्ती लोगों से अत्यधिक पैसे वसूल रहे थे।

मरीज़ों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, सरकार ने किफायती उपचार प्रदान करने के लिए, राज्य में चल रहे सभी 21 निजी अस्पतालों के प्रवेश प्रोटोकॉल पर नियंत्रण अपने हांथों में ले लिया है। सीएम ने एक बयान में कहा, "इसके परिणामस्वरूप हर मरीज़ को अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।"

राज्य में कोरोना पॉज़िटिव मामलों में आई कमी


मुख्यमंत्री ने राज्य में टेस्ट पॉजिटिविटी रेट की घटती दर को देखते हुए भी राहत व्यक्त की। शनिवार को यह अनुपात कुछ दिन पहले के 51% से घटकर 35 फीसदी पर आ गया था। कोविड ​​​​-19 के मामलों में शनिवार को 5वें दिन गिरावट दर्ज की गई और केवल 1,957 नए मामलों में सामने आए थे। अब तक, राज्य में 30,774 सक्रिय मामले हैं, जबकि कुल संख्या 1,34,542 पर पहुंच गई है। इसमें से लगभग 1,01,712 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 2,056 ने अब तक वायरस के कारण दम तोड़ दिया है।

-आईएएनएस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार