गोवा में गणेश चतुर्थी उत्सव के जश्न से पहले, राज्य ने कोरोना मामलों को नियंत्रण में रखने के लिए नए एसओपी तैयार करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने उप कलेक्टरों को सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों के आयोजकों से मिल कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। इस एसओपी की समीक्षा से प्रशासन को ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल तैयार करने में मदद मिलेगी।

गोवा में गणेश चतुर्थी के दौरान वायरस लोड की जांच के लिए एसओपी


गणेश चतुर्थी एक वार्षिक सड़क उत्सव है जो गोवा में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस साल, 10-दिवसीय हिंदू त्योहार 1 सितंबर से 10 सितंबर के बीच मनाया जाएगा। इस समय के आसपास आगामी 'तीसरी लहर' की चेतावनी के साथ, गोवा के अधिकारियों ने वायरस के प्रसार और संक्रमण को सीमित करने के लिए एहतियाती एसओपी तैयार करने का निर्णय लिया है।

"गणेश चतुर्थी का गोवा में बड़े पैमाने पर आयोजन किया जाता है। मैंने पहले ही डिप्टी कलेक्टरों को 'सार्वजनिक' गणेश उत्सव आयोजकों से संपर्क करने, परामर्श करने और फिर एक रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है। हमें सभी लोगों को विश्वास में लेकर एसओपी तय करना है।

शुक्रवार को, गोवा में लगभग 67 ताजा कोरोनावायरस के मामले और 101 लोगों के रिकवर होने की सूचना मिली है। सक्रिय मामलों की संख्या 957 मामले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में यहां 2 वायरस से मौतें भी दर्ज की गईं। जहां तक टीकाकरण का सवाल है, राज्य ने यहां लगभग 71.7% पहली खुराक कवरेज हासिल किया है और कुल 14,28,569 खुराक दी गयीं हैं। इसमें से लगभग 3,21,163 खुराक - जो कुल गोवा की आबादी का 20.5% है, को दूसरी खुराक लग चुकी है।