कोरोना प्रबंधन की क्षमता को बढ़ाने के लिए गोवा के मुख्यमंत्री ने अपने राज्य के विधायकों को निर्देश दिया की वे परीक्षण और उपचार करने के लिए अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में 'वार रूम' शुरू करें। ये सिस्टम आइसोलेशन में रह रहे मरीज़ जिन्हे अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता है उनके काम आएगा। सीएम ने कहा कि ये 'कमरे' एक कॉल सेंटर से सुसज्जित होंगे, जिनके माध्यम से प्रतिनिधियों को घर में आइसोलेटेड कोरोना मरीजों के संपर्क में रखा जा सकेगा।

गोवा में कोविड वॉर रूम


गोवा में कोविड प्रबंधन मॉड्यूल अब मुख्यमंत्री के आदेश से राज्य में कोरोनो वायरस रोगियों की स्थिति को ट्रैक करने और उनके इलाज के लिए विशेष वॉर रूम स्थापित करेगा। सीएम ने कहा कि यहां ऑन-ड्यूटी अधिकारियों को नियमित रूप से मरीजों के ऑक्सीमीटर रीडिंग का रिकॉर्ड रखने और पूछताछ करने का काम सौंपा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विधायकों को दिन में कम से कम एक बार घर में आइसोलेटेड मरीजों को कॉल करके उनके घर पर सरकार की कोरोना किट और किराना सामान की समय पर डिलीवरी हो रही या नहीं ऐसा सुनिश्चित करनी चाहिए।

गोवा में कोरोना केस लोड के भार को कम करने के लिए सरकार ने गुरूवार को सभी सरकारी संचालित संस्थानों में मुफ्त कोरोना उपचार प्रदान करने का निर्णय लिया। यह लोगों के लिए एक बड़ी आर्थिक राहत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राहत प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के खर्च को 80% तक कवर करेगी। मरीजों को अब मेडिकल बिल का केवल 20% हिस्सा देना होगा।

राज्य में कोरोना से निपटने के लिए अतिरिक्त प्रतिबंध


गोवा कैबिनेट ने कोरोना वायरस संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए कई प्रतिबन्ध पहले से ही लगाए हैं, और कथित तौर पर पिछले सप्ताह 41 % के साथ गोवा देश में तीसरा सबसे हाई पॉजिटिविटी रेट अनुपात वाला राज्य बन चुका है। बढ़ते हुए संक्रमण को रोकने की एक और पहल में राज्य एंटरटेनमेंट सोसाइटी ऑफ गोवा (ईएसजी) ने सभी पब्लिक और प्राइवेट प्रॉपर्टी पर टीवी सीरियल और फिल्मों की शूटिंग को भी प्रतिबंधित कर दिया है।