सतत विकास की राह पर चलते हुए गोवा सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल लेकर आई है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार अगले पांच वर्षों के लिए सालाना 11,000 इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी देगी। कथित तौर पर, इस योजना में दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को एक ही किश्त में पूरी राशि प्रदान करने का आश्वासन दिया गया है।

कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए राज्य का प्रयास


यह बताया गया है कि वितरित की जाने वाली कुल राशि सालाना 25 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होगी। इसमें से जहां अधिकतम हिस्सा चार पहिया वाहनों को दिया जाएगा, वहीं दोपहिया वाहनों को भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा मिलेगा। रिपोर्ट के अनुसार, सब्सिडी पहले आओ पहले पाओ के आधार पर प्रदान की जाएगी। खरीद-आरसी बुक और बीमा के आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के बाद ही सब्सिडी की प्रक्रिया पूरी होगी।

रिपोर्ट के अनुसार, गोवा वाहन डेंसिटी के मामले में 15वें स्थान पर है और यह नया प्रयास कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए अनुकूल होगा। इसके अलावा, यह दुर्लभ नॉन-रिन्यूएबल संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी प्रोत्साहित करेगा।

नेशनल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्लान के साथ जुड़ा लक्ष्य


राज्य प्रशासन की यह परियोजना केंद्र सरकार की राष्ट्रीय विद्युत गतिशीलता योजना (National Electric Mobility Plan) के उद्देश्यों के साथ मिलती है। जबकि इस योजना के 2020 के लिए उच्च लक्ष्य थे, इलेक्ट्रिक वाहनों की उच्च कीमतों के कारण लक्ष्यों को पूरा नहीं किया जा सका। यह बताया गया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत आंतरिक दहन इंजन (internal combustion engines) की तुलना में 50% अधिक है।

रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे हस्तक्षेपों को लागू करना महत्वपूर्ण है जो हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की उपलब्धता और पहुंच को बढ़ा सकते हैं। इस दृष्टि के साथ, केंद्र सरकार ने एक परियोजना शुरू की है जिसका उद्देश्य तेल के अत्यधिक उपयोग को रोकना है। इसके अलावा, उद्देश्यों में कार्बन डाइऑक्साइड जैसे वाहनों से होने वाले एमिशन में कमी भी शामिल है।