कोविड-19 महामारी ने गोवा के आर्थिक और व्यापार परिदृश्य को सबसे अधिक प्रभावित किया है, इसका असर यहां के रेस्तरां और इस तरह के अन्य प्रतिष्ठानों पर भी हुआ जिसके कारण मंदी का सामना करना पड़ रहा है। इस महामारी के बीच राज्य के प्रमुख बिजनेस स्कूल, गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट ने फूड ब्लॉगर्स और फोटोग्राफर्स (Food bloggers and photographers) के लिए पहला 'कलनरी इनक्यूबेशन कार्यक्रम' (culinary incubation programme) शुरू किया है। इस कार्यक्रम के जरिए जीआईएम का उद्देश्य 'foodpreneurs' (वो लोग जो खाने से संबंधित व्यापार चला रहे हैं) की कला और कौशल को निखारना है।

जीआईएम में शुरू हुआ भारत का पहला किचन और कलनरी इनक्यूबेशन कार्यक्रम


गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (जीआईएम) अटल इन्क्यूबेशन सेंटर (Atal Incubation Centers) ने कामाक्षी कॉलेज ऑफ कलनरी आर्ट्स (Kamaxi College of Culinary Arts) के साथ मिलकर भारत का पहला कलनरी और किचन इनक्यूबेशन कार्यक्रम शुरू किया। यह कार्यक्रम फूड ब्लॉगर्स और फ़ोटोग्राफ़रों के साथ कलनरी स्टार्टअप्स और खाद्य उद्योग के आगामी उद्यमियों को बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, अवसर और समर्थन प्रदान करता है।

जीआईएम के इनक्यूबेशन सेंटर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश जोशी के अनुसार, यह कार्यक्रम अपने उम्मीदवारों को मार्केट और कस्टमर सपोर्ट के साथ-साथ मेंटर और इस क्षेत्र के विशेषज्ञों तक एक व्यापक पहुंच प्रदान करेगा।

कलनरी व्यापार में भविष्य और विकास

कामाक्षी कॉलेज ऑफ कलनरी आर्ट्स के संस्थापक 'परीक्षित पाई फॉन्डेकर' का मानना ​​है कि जहां महामारी ने मेनस्ट्रीम मार्केटिंग से खाद्य और पेय उद्योग को हटा दिया है, वहीं यह कार्यक्रम फूड ब्लॉगर्स को नए अवसर प्रदान कर रहा है। ऑनलाइन कारोबार के साथ, फूड ब्लॉगर और यहां तक ​​कि फोटोग्राफर अपने काम के अन्य पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।

इस व्यापार के क्षेत्र में बने रहने के लिए एफिलिएट मार्केटिंग , जनसंपर्क, प्रायोजित पोस्ट, प्रतियोगिता और ई-कॉमर्स के क्षेत्र में भी कदम रख सकते हैं। फोंडेकर ने कहा, फूड कोलैबोरेशन, वर्चुअल टिप्स और किचन हैक्स रेसिपी अन्य तरीके हैं जिनसे क्वारंटाइन या लॉकडाउन में रहते हुए भी कंटेंट बनाया जा सकता है।